'मतदाता पटाओ अभियान' के लिए कांग्रेस खास प्लान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘हमसे का भूल हुई जो ए सजा हमको मिली’, मुंबई में इन दिनों कांग्रेसी नेता कुछ यही धुन गुनगुना कर उत्तर भारतीयों को मना रहे हैं।
कांग्रेसियों ने उत्तर भारतीय बहुल इलाकों में भोजपुरी लोकगीत और कजरी कार्यक्रम की चरणबद्ध योजना तैयार की है। कार्यक्रम में इन गीतों के सहारे उन्हें पटाया जा रहा है।
कांग्रेसी यह कह रहे हैं कि मोदी लहर में जो हुआ सो हुआ विधानसभा चुनाव में ऐसा न कीजिए।
शिवसेना के विरोधी रुख और कल्याण में उत्तर भारतीय छात्रों की पिटाई का भय दिखाते हुए कह रहे हैं कि भाजपा-शिवसेना सत्ता में आई तो उनका संकट शुरू हो जाएगा।
भोजपुरी गाने से लुभाने की कोशिश
मुंबई में उत्तर प्रदेश और बिहार के तकरीबन 50 लाख लोग रहते हैं जो परंपरागत तौर पर कांग्रेस के मतदाता रहे हैं।
मुंबई की 36 में से 18 और ठाणे की 24 विधानसभा में से करीब 10 सीटों पर उत्तर भारतीय मतदाता निर्णायक हैं जो लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में बह गए थे।
हालांकि मुंबई के उत्तर भारतीयों की दूसरी पसंद भाजपा थी लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव में शिवसेना को भी वोट करने से परहेज नहीं किया।
इस वोट बैंक के खिसक जाने से कांग्रेस नेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई है। चूंकि आगामी अक्तूबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए कांग्रेस के उत्तर भारतीय नेता आपसी प्रतिबद्धता भूलकर इस वोट बैंक को दोबारा हासिल करने में जुट गए हैं।
शिवसेना-भाजपा का दिखा रहे हैं भय
कट्टर प्रतिद्वंद्वी अल्पसंख्यक विकास मंत्री मो. आरिफ नसीम खान और विधायक राजहंस सिंह भी अब एक मंच पर दिखने लगे हैं। वहीं विधायक कृपाशंकर सिंह, रमेश सिंह ठाकुर और असलम शेख आदि एक साथ हो गए हैं।
राजहंस सिंह ने बताया कि उत्तर भारतीयों को कांग्रेस से जोड़ने के लिए मुंबई में 20 जगह भोजपुरी लोकगीत और कजरी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनी है।
इसकी शुरुआत मुंबई के पश्चिम उपनगर दहिसर से हुई और अब तक छह विधानसभा में भोजपुरी लोकगीत का कार्यक्रम हो चुका है। सुप्रसिद्ध भोजपुरी गायक मनोज तिवारी भाजपा सांसद बन गए हैं, इसलिए कांग्रेस ने भोजपुरी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर सुरेश शुक्ला को बुक किया है।
इधर, महाराष्ट्र सरकार ने एक जनवरी 2000 तक की झुग्गियों को वैधता प्रदान करने का शासनादेश जारी कर दिया है। इससे उत्तर भारतीय पटाओ अभियान को और बल मिला है।