आंतरिक संकट से परेशान कांग्रेस, सता रहा फिर हार का डर
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झारखंड और जम्मू कश्मीर चुनाव सिर पर है, लेकिन कांग्रेस आंतरिक संकट में फंसी हुई है। नेताओं की आपसी बयानबाजी और फिर रॉबर्ट वाड्रा प्रकरण समेत तमाम विवादों से पार्टी को दो चार होना पड़ रहा है।
इस सब के चलते पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में दोनों राज्यों की चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने का डर सता रहा है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में पार्टी में सिर उठा रही बगावत और गुटबाजी से भी पार्टी हाईकमान को सीधा सामना करना पड़ेगा।
झारखंड और जम्मू कश्मीर में 25 नवंबर को मतदान होने जा रहा है। मगर आंतरिक संकट से पार्टी उबर नहीं पा रही है। रॉबर्ट वाड्रा के प्रकरण को लेकर पार्टी भी दो भागों में बंटी नजर आ रही है। कांग्रेस में कई नेताओं में गुस्सा है।
रॉबर्ट वाड्रा प्रकरण समेत पार्टी में कई विवाद
मीडियाकर्मी से बदसलूकी के मामले को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की ओर से ऐतराज जताने की बात पर पार्टी के कई नेता सहमति जता रहे हैं। संदीप दीक्षित ने कहा था कि सार्वजनिक जीवन में मीडिया का सम्मान करने की जरूरत है। वह वाड्रा को सीधी नसीहत दे रहे थे।
दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी कह रही हैं कि वाड्रा के खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उधर, राज्यों में पार्टी की गुटबाजी सिर उठाने लगी है। तमिलनाडु में कांग्रेस टूट गई है।
जीके वासन ने पार्टी छोड़कर अपने समर्थकों के साथ मिलकर नई पार्टी बनाने की तैयारी कर ली है। दूसरी तरफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में कई ‘जीके वासन’ पार्टी के अंदरखाने महाभारत छेड़ रहे हैं। ऐसे में पार्टी के अंदर बगावत की आंच दिल्ली तक पहुंचने की संभावना बन गई है।