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बीजेपी को उसी के हथियार से हराएगी कांग्रेस

Thu, 05 Nov 2015 05:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 05 Nov 2015 05:11 PM IST
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Congress to adopt 'micro-level booth management' strategy of BJP

सालों से सत्ता का स्वाद चख रही कांग्रेस भी समय के साथ बदलाव पर जो देने लगी है। बीजेपी से प्रेरणा लेते हुए कांग्रेस भी माइक्रो-लेवल बूथ मैनेजमेंट सिस्टम को अगले साल होने वाले असम विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल करने जा रही है।

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उल्लेखनीय है कि बीजेपी इस मॉडल को मध्य प्रदेश और गुजरात में लागू कर जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मॉडल की शुरूआत कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने 26-27 नवंबर के दौरे के दौरान करेंगे।
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चुनाव अगले वर्ष अप्रैल में होने है। इसके ठीक प्रकार से क्रियान्वयन के लिए राहुल गांधी ने निचले स्तर से पार्टी वर्कर्स के बारे में असम पीसीसी से रिपोर्ट तलब की है।
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असम पीसीसी चीफ अंजन दत्ता ने रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंप दी है। रिपोर्ट में वर्कर्स द्वारा निचले स्तर पर अपनाई जाने वाली स्ट्रैटजी पर जोर दिया गया है।

असम से एक कांग्रेस सांसद ने रिपोर्ट पर कहा कि यह मॉडल नया जरूर है पर पार्टी वर्कर्स हमेशा से निचले स्तर पर कार्य करते आए हैं। उनके अनुसार इस बार हर बूथ पर 20 पार्टी वर्कर्स को लगाया जाएगा ताकि वोट कांग्रेस के पक्ष में डाले जायें।

कांग्रेस को चुनौती दे रही बीजेपी और आईयूडीएफ

Congress to adopt 'micro-level booth management' strategy of BJP

माइक्रो-लेवल बूथ मैनेजमेंट को काडर पर आधारित पार्टियां जैसे बीजेपी द्वारा 2013 के चुनाव में मध्य प्रदेश में और पिछले साल गुजरात में लागू किया जा चुका है।

इस पर कांग्रेस नेता का कहना है कि यह तरीका आरएसएस अपनाती रही है बीजेपी के लिए पर कांग्रेस की मशीनरी अपने में सक्षम हैं। हम बीजेपी की राह पर नहीं चल रहे हैं कि हमारे पास बना बनाया नेटवर्क है।

पार्टी की प्रदेश में कई सालों से मौजूदगी से कांग्रेस मानती है कि उसके पर वर्कर्स हैं जिससे काडर पर आधारित मॉडल इस्तेमाल करने में दिक्कत नहीं आएगी। इसकी तैयारी के ‌लिए कांग्रेस ऑब्जर्वर सीपी जोशी और उनके सहायक अविनाश पांडे 126 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा इसी साल के अंत तक करेंगे।

वहीं पार्टी ने दिग्‍गज कांग्रेसी गुलाम नबी आजाद को अल्पसंख्यक वोट बैंक को मजबूत करने की जिम्‍मेदारी सौंपी है। इसके लिए वह राज्य में जोनवाइस तरीके से अल्पसंख्यकों की कांफ्रेस करेंगे। गौरतलब है कि बीजेपी के अलावा एआईयूडीएफ भी कांग्रेस के सामने चुनौती पैदा कर रहे हैं।

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