केंद्र पर कांग्रेस का हमला, 'बहादुरी का ढिंढोरा क्यों?'
म्यांमार में भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन पर लगातार मोदी सरकार के मंत्रियों की बयानबाजी को लेकर कांग्रेस ने हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र के मंत्री जिसतरह से जवानों की बहादुरी का ढिंढोरा पीट रहे ऐसा नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अपने मंत्रियों को ऐसे बयानों से रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने '56 इंच के सीने वाला' बयान दिया उससे बचने की जरूरत है। इसके अलावा रक्षा मंत्री के बयान पर भी आनंद शर्मा ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारतीय सेना की खास टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस टीम में शामिल सदस्यों की गोपनीयता पर खास ध्यान देना चाहिए। अगर उनकी पहचान सार्वजनिक की जाती है तो ये उनके लिए खतरनाक भी हो सकती है।
बयानबाजी से बचने की सलाह
आनंद शर्मा ने कहा कि ऐसे मामलों में गंभीरता बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पर भी सवाल खड़े किए। आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि जिस तरह से नेपाल में भूकंप त्रासदी के बाद मोदी सरकार की कवायद को लेकर उंगलियां उठी थी वैसा ही फिर इस बार नहीं जाए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी है अगर वो कोई विशेष अभियान में हैं तो उनकी तस्वीरें सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के 'मानसिकता में परिवर्तन' बयान पर भी निशाना साधा।
जलन के चलते कांग्रेस दे रही ऐसे बयान: शाहनवाज
हालांकि कांग्रेस नेता के बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने निशाना साधा है। बीजेपी नेता शाहनवाज हसैन का कहना है कि कांग्रेस जलन के चलते ऐसे बयान दे रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रही है। इन सबके बीच मोदी सरकार के कुछ मंत्रियों के ऐसे बयान आए हैं जिसको लेकर ऑपरेशन पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने सेना को बड़ा आदेश देते हुए उनके खात्मे के लिए पीछा करने का आदेश दिया। इस हमले में सेना को हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल करने का समर्थन किया था।
हालांकि दूसरी ओर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का बयान इससे अलग था। उनके मुताबिक इस कार्रवाई में हमने किसी का पीछा नहीं किया। हमने म्यांमार सरकार से संपर्क के बाद इस हमले को अंजाम दिया।