हेराल्ड मुद्दे पर दबाव में कांग्रेस, लिया यूटर्न
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल हेराल्ड के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगा रही कांग्रेस ने अब यूटर्न ले लिया है। कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद को जाम करने के सरकार के आरोप से दबाव में आई कांग्रेस ने शुक्रवार को मुद्दा ही बदल दिया।
कांग्रेस ने अचानक पलटी मारते हुए कहा कि संसद में हो रहे हंगामे का नेशनल हेराल्ड मामले से कोई संबंध नहीं है। वह तो भाजपा के तीन मुख्यमंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने का विरोध कर रही है। वहीं नेशनल हेराल्ड मामले को संसद में आगे उठाए जाने के मुद्दे पर भी पार्टी असमंजस में है।
गुलाम नबी आजाद समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के पास इस सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं है कि सोमवार को संसद में कांग्रेस का रुख क्या होगा।नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर कोर्ट के फैसले के बाद से ही कांग्रेस संसद में लगातार हंगामा कर रही है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर राजनीतिक बदला लेने और इस मामले में सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। इसके बाद से ही सरकार ने भी कांग्रेस को यह कहकर घेरना शुरू कर दिया कि वह कोर्ट पर दबाव डालने के लिए संसद में हंगामा कर रही है।
मीडिया ने उनके स्टैंड को सही से पेश नहीं किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली से लेकर कई केंद्रीय मंत्रियों ने कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगा दी। लिहाजा, शुक्रवार को कांग्रेस ने अचानक अपना रुख बदल दिया।
आजाद ने कहा कि मीडिया ने उनके स्टैंड को सही से पेश नहीं किया। कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने भी ऐसा दर्शाया कि कांग्रेस संसद में कोर्ट के फैसले के खिलाफ हंगामा कर रही है। आजाद ने कहा कि संसद में पहले दो दिन वीके सिंह के विवादित बयान को लेकर हंगामा हो रहा था।
संसद के पिछले मानसून सत्र में कांग्रेस ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों के भ्रष्टाचार का मामला उठाया था। सरकार ने उन्हें हटाना तो दूर, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं की। कांग्रेस का विरोध इसी को लेकर है।