'मुख्यमंत्रियों की हूटिंग के पीछे सोची समझी साजिश'
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समारोहों में अपने मुख्यमंत्रियों के शामिल न होने के फैसले का बचाव किया है।
उसने नागपुर में प्रधानमंत्री के समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के हिस्सा न लेने के फैसले को सही ठहराया है।
पार्टी का कहना है कि पीएम के समारोहों में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की हूटिंग के पीछे सोची-समझी साजिश है। उन्हें जान बूझ कर परेशान किया जा रहा है।
चव्हाण और हुड्डा के फैसलों का बचाव
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी ने कहा, "समर्थकों को उकसा कर किसी को भी निर्वाचित मुख्यमंत्रियों को अपमानित करने का अधिकार नहीं है।"
मोदी को अपने समर्थकों से इस तरह की हरकतों से बाज आने को कहना चाहिए।
सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्रियों को परेशान करना सोची-समझी साजिश है। अगर प्रधानमंत्री इस बारे में वाकई गंभीर हैं तो उन्हें अपनी पार्टी के लोगों को इसे तुरंत बंद करने को कहना चाहिए।
'सीएम का अपमान बर्दाश्त नहीं'
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या पार्टी आलाकमान की ओर से उसके मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री के समारोह में हिस्सा न लेने का निर्देश जारी हुआ है।
सोनी ने कहा कि इस संबंध में किसी निर्देश की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि चव्हाण और हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा, दोनों अनुभवी नेता हैं।
सोनी ने कहा कि पूरे कांग्रेस के अंदर इस बारे में सहमति है कि इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्रियों ने पीएम के समारोहों में शामिल न होने का फैसला लेकर सही किया है और पार्टी उनके साथ है।