फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   congress supporter give support but which one know in this story

गांधी परिवार के भरोसे नहीं रहना चाहते कांग्रेसी

Wed, 04 Mar 2015 09:39 AM IST
Updated Wed, 04 Mar 2015 09:39 AM IST
विज्ञापन
congress supporter give support but which one know in this story

अब तक अपनी जीत के लिए नेहरू गांधी परिवार पर ही आश्रित कांग्रेस को अब नई जमीनी हकीकत से उसके ही कार्यकर्ताओं ने रूबरू कराया है। पार्टी के जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं में बहुमत का मानना है कि कांग्रेस को अब सिर्फ नेहरू गांधी परिवार के वारिसों के भरोसे ही जनता का समर्थन नहीं मिलेगा।

विज्ञापन


इसके लिए पार्टी को राज्यों और जिलों में भी अपने जुझारू नेताओं को आगे लाकर तैयार करना होगा और केंद्र की भाजपा सरकार की विफलताओं को सड़क से संसद तक पुरजोर तरीकेसे उठाना होगा। जिला स्तर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह राय पिछले दिनों पार्टी नेतृत्व द्वारा देश के करीब 450 जिलों के कार्यकर्ताओं केबीच कराई गई रायशुमारी से निकलकर आई है।
विज्ञापन


यह जानकारी देने वाले दस जनपथ के करीबी एक कांग्रेसी नेता का कहना है कि इसके बाद पार्टी ने तय किया है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी (अगर वह राजनीति में सक्रिय होती हैं तो) के चेहरों के साथ साथ अब राज्यों और जिलों में अपना नेतृत्व विकसित करके भाजपा का मुकाबला करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


राहुल युग में प्रवेश कर रही कांग्रेस की यही भावी रणनीति होगी। हाल ही में दिल्ली, महाराष्ट्र, मुंबई, गुजरात, जम्मू एवं कश्मीर और तेलंगाना में जैसे युवा चेहरों को पार्टी की कमान सौंपी गई है,वह पार्टी नेतृत्व की इसी रणनीति का संकेत है।

12 फीसदी कार्यकर्ता नेहरु गांधी परिवार के वारिसों के नाम पर वोट देंगे

congress supporter give support but which one know in this story

इन नतीजों में सिर्फ 12 फीसदी कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोग सिर्फ नेहरु गांधी परिवार के वारिसों के नाम पर वोट देंगे। जबकि 88 फीसदी कार्यकर्ताओं की राय है कि पार्टी को भविष्य में वोट लेने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार की विफलताओं को पुरजोर तरीके से उठाने, राज्य और जिला स्तर पर नेतृत्व मजबूत करने और लोकसभा व विधानसभा चुनावों में अच्छे और निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को टिकट देने होंगे।

दस जनपथ के करीबी इस कांग्रेसी नेता के मुताबिक कुछ दिनों पहले पार्टी नेतृत्व ने देश के करीब 450 जिलों में पार्टी इकाई केपदाधिकारियों को कुछ सवालों वाला एक प्रोफार्मा भेजा था। इसमें पूछा गया था कि क्या जनता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर कांग्रेस को वोट देगी? एक सवाल था कि क्या जनता प्रदेश कांग्रेस में किसी नेता के नाम पर वोट देगी?

एक और सवाल था कि क्या लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जनता कांग्रेस को उम्मीदवार के आधार पर वोट देगी? बताया जाता है कि इस रायशुमारी के नतीजों के विश्लेषण के लिए पार्टी के चार नेताओं को लगाया गया। इस कवायद के बाद जब अंतिम नतीजे सामने आए तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दूसरे बड़े नेताओं की बेचैनी खासी बढ़ गई।

'इनके नाम पर ही पार्टी को वोट नहीं मिलेगा'

congress supporter give support but which one know in this story

क्योंकि महज 12 फीसदी पार्टी कार्यकर्ताओं ने राय दी थी कि लोग नेहरू गांधी परिवार के वारिसों के नाम पर कांग्रेस को वोट देंगे। जबकि 88 फीसदी लोगों का कहना था कि नेहरू गांधी परिवार के वारिस पार्टी को एकजुट रखने और नेतृत्व का संघर्ष रोकने के लिए तो कारगर हैं, लेकिन अब सिर्फ इनके नाम पर ही पार्टी को वोट नहीं मिलेगा।

उसके लिए प्रदेश स्तर पर कांग्रेस को ऐसे नेता तैयार करने पड़ेंगे जिनके नाम पर पार्टी चुनाव लड़े, तब जनता उस पर भरोसा करेगी। राय यह भी थी कि केंद्र की मोदी सरकार की असफलताओं का फायदा कांग्रेस को तभी मिल सकता है जबकि वह न सिर्फ उन्हें पुरजोर तरीके से उठाए बल्कि सड़क से संसद तक भाजपा से लड़ती हुई भी दिखाई दे।

इसके लिए पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी। वरना भाजपा सरकार की विफलताओं का फायदा दूसरे दल उठा लेंगे जैसे दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed