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अजित को भारी पड़ा जाट आरक्षण का लालच

Wed, 05 Nov 2014 12:21 PM IST
Updated Wed, 05 Nov 2014 12:21 PM IST
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congress sidelined ajit singh.

लोकसभा चुनाव हारने के बाद राज्यसभा में एंट्री करने की कवायद में जुटे रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह पर एक बार फिर जाट आरक्षण का लालच भारी पड़ गया है। जाटों को केंद्र में आरक्षण देने के बाद भी लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनाव में जाट वोटों का फायदा नहीं मिलने पर कांग्रेस ने चौधरी अजित सिंह की बजाय पीएल पूनिया को राज्यसभा का टिकट थमा दिया है। इससे रालोद में मायूसी छा गई हैं। पार्टी नेताओं ने दोबारा से संघर्ष करके पुरानी जमीन तैयार करने की बात कही है।

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रालोद को मुजफ्फरनगर दंगे के बाद परंपरागत जाट-मुस्लमान गठजोड़ टूटने का सबसे बड़ा नुकसान हुआ था। विरोध के बावजूद चौधरी अजित सिंह जाटों को केंद्र में आरक्षण मिलने पर स्थितियां अनुकूल होने के भरोसे के चलते यूपीए सरकार में बने रहे। अजित सिंह को उम्मीद थी कि युवाओं के सुनहरी भविष्य के लिए लिया गया जाट आरक्षण पार्टी के लिए संजीवनी साबित होगा।
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कांग्रेस ने भी मुसलिमों के विरोध और विपरीत परिस्थितियों में लोकसभा चुनाव से पहले जाटों को आरक्षण दिया था। दोनों दलों को उम्मीद थी कि इसका फायदा उन्हें लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों में मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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'जिसके लिए आरक्षण लिया उसने दिया धोखा'

congress sidelined ajit singh.

रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह और उनके पुत्र जयंत चौधरी समेत पार्टी के सभी प्रत्याशी लोकसभा चुनाव हार गए। इसके चलते चौधरी अजित सिंह को 36 साल पुरानी चौधरी चरण सिंह को आवंटित 12 तुगलक रोड कोठी भी खाली करनी पड़ी। रालोद को उम्मीद थी कि कांग्रेस की बैशाखियों के सहारे पार्टी सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह राज्यसभा में प्रवेश पा सकते हैं, लेकिन मंगलवार को कांग्रेस ने पीएल पूनिया का टिकट फाइनल कर दिया। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक अजित सिंह को राज्यसभा में नहीं भेजने के पीछे जाट आरक्षण के बाद भी कांग्रेस को लाभ नहीं हुआ बताया है।

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी घोषित करने के सवाल पर भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद कलंजरी ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे के बाद भी चौधरी अजित सिंह जाट युवकों के लिए केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण के लिए यूपीए सरकार में बने रहे, लेकिन जिन युवाओं के लिए यह बड़ा काम किया गया उसी वर्ग ने रालोद और कांग्रेस को वोट नहीं दिया।

वेस्ट यूपी संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि रालोद चौधरी चरण सिंह के विचारों पर चलने वाली पार्टी हैं। किसानों के लिए संघर्ष पार्टी की पहचान है। पार्टी फिर से मेहनत के बूते उठेगी और किसानों के लिए सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।

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