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कोयला बम से पीएम को बचाने में जुटी कांग्रेस

Thu, 17 Oct 2013 01:03 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 17 Oct 2013 01:03 AM IST
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congress ready to save pm for coal scam

कोयला घोटाले के तूफान में फंसे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की साख और ईमानदारी पर लगे दाग को धोने में पूरी सरकार और कांग्रेस जुट गई है।

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सीबीआई की एफआईआर में नामजद पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख की ओर से प्रधानमंत्री पर लगाए आरोपों को सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बेबुनियाद बताया। कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री के बचाव में कहा है कि जांच के अंतिम नतीजे तक पहुंचने से पहले विवादित बयानों से बचा जाना चाहिए।
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सीबीआई की एफआईआर से सरकार और कांग्रेस दोनों कठघरे में है। कुमार मंगलम बिड़ला जो अभी कुछ दिन पहले ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच पर एक साथ दिख रहे थे, उनको सीबीआई ने आरोपी बनाया है।
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देश का कारोबार जगत भी इस पूरे प्रकरण को व्यापार और उद्योग के लिए बेहद खराब मान रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री पर उछल रहे कीचड़ को रोकने की कोशिश शुरू हो गई है।

मनीष तिवारी ने कहा कि पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच पर सुप्रीम कोर्ट सीधे नजर रख रहा है। सीबीआई को जांच से जुड़ी सभी फाइलें दे दी गई हैं। यह मामला विचाराधीन है। इससे जुड़े लोग जिस तरह से टिप्पणी कर रहे हैं, वह बिलकुल गलत और गैर जिम्मेदाराना है।

भाजपा को निशाने पर लेते हुए तिवारी ने कहा कि विपक्षी दल गैर जिम्मेदार है। प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग वे दस सालों से कर रहे हैं। इससे अहमियत देने की जरूरत नहीं है।


उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी और शिष्टाचार के आधार पर यह उम्मीद की जाती है कि सुप्रीम कोर्ट जिस जांच पर नजर रख रहा है तो उस बारे में बयान देते समय लोगों को संयमित व्यवहार करना चाहिए।

वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि अधिकारियों को वाहवाही लूटने की कोशिश कर माहौल सनसनीखेज नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तथ्य से इंकार नहीं किया जा सकता कि कुमार मंगलम समेत उद्योगपतियों ने देश और विदेश में अपना उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उधर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि पारिख को अपनी बात सार्वजनिक मंच से कहने के बजाय सीबीआई के सामने रखनी चाहिए। यह गलत तरीका है।

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