कांग्रेस का ऐसा पोल, जो मोदी के होश उड़ाने के लिए काफी है!
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सोमवार को जैसे ही लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग खत्म हुई, एग्जिट पोल की झड़ी लग गई। समाचार चैनलों ने पोल दिखाने शुरू किए, भाजपा नेताओं की छाती फूलने लगी और कांग्रेसी दिग्गजों के आत्मविश्वास की हवा निकलने लगी।
यूं तो सभी एग्जिट पोल ने एकस्वर में भाजपानीत एनडीए गठबंधन को बहुमत मिलने की बात कही, लेकिन एक पोल ऐसा था, जिसने एनडीए को 340 सीट मिलने का दावा ठोक डाला। जाहिर है, नरेंद्र मोदी की टीम खुशी से फूली नहीं समा रही थी।
लेकिन अब एक और पोल सामने आया है, जो मोदी समेत पूरी भाजपा के होश उड़ा सकता है। दरअसल, यह सर्वे खुद कांग्रेस ने अपनी ताकत आंकने के लिए कराया है और इसके नतीजे भाजपा के लिए बुरी खबर लाए हैं।
कांग्रेस का दावा, 166 सीटें यूपीए की
हाल में कुल छह एग्जिट पोल किए गए, जिनमें से ज्यादातर में दावा किया गया कि कांग्रेस इस बार सौ सीटों तक नहीं पहुंच रही है। पर कांग्रेस का सर्वे इन सभी से अलग है।
राहुल गांधी की अगुवाई में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस के इस पोल में दावा किया गया है कि उसे कुल 543 सीटों मेंसे 166 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, यह सर्वे अंतिम चरण की सीटों पर मतदान से पहले किया गया था।
इसमें कहा गया था कि अंतिम चरण में 39 सीटों पर वोटिंग होनी बाकी है, ऐसे में नरेंद्र मोदी को कुछ फायदा जरूर हो सकता है, क्योंकि उससे ठीक पहले चुनाव चिन्ह दिखाने को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
दलित-मुस्लिम वोट से फायदे की उम्मीद
इस आंतरिक सर्वे में यह भी कहा गया कि नरेंद्र मोदी ने आचार संहिता का जो उल्लंघन किया और चुनाव आयोग पर बोला गया सीधा हमला यह संकेत है कि भाजपा जानती है कि वो लड़ाई हारने की वजह से घबराहट महसूस कर रही है।
इस सर्वे में कहा गया है कि दलितों ने मुस्लिमों के साथ 67 सीटों पर मोदी के खिलाफ वोटिंग की है, जिसके कारण यूपीए 166 सीटों तक पहुंच सकती है। आकलन में यह भी कहा गया है कि मोदी का पीएम पद तक पहुंचना मुश्किल है, क्योंकि वो अति आत्मविश्वासी हैं।
इसमें कहा गया है कि अगर भाजपा मोदी के बजाय किसी और को पीएम के तौर पेश करने पर तैयार हो जाती है, तो इसके बावजूद एनडीए सरकार बना सकता है। वरना वो विपक्ष में बैठेगा और यूपीए 3 तीसरे मोर्चे के समर्थन से सरकार बनाने में कामयाब रहेगा।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 15 सीट?
दरअसल, यह कांग्रेस के एक कोर ग्रुप का आकलन है। इस समूह में पंडित एन के शर्मा भी शामिल हैं, जो पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव के सलाहकार और राजीव गांधी के करीबी रहे हैं।
इस सर्वे के मुताबिक कांग्रेस उत्तर प्रदेश में 80 में से 15 सीट जीतने में कामयाब रहेगी। इसके अलावा उसे मध्य प्रदेश में 11, बिहार में 15 सीट मिल सकती हैं।
आंध्र प्रदेश में वो भारी नुकसान के लिए तैयार हैं, जो उसके अपने सर्वे में उसे 42 में से सिर्फ 3 सीट मिली हैं। दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी के गढ़ गुजरात में वो काफी उम्मीद कर रही है। कांग्रेस के मुताबिक उसे 26 में से दस सीट मिल सकती हैं।
कर्नाटक और महाराष्ट्र में बड़ा दांव
इसके अलावा कांग्रेस कर्नाटक और महाराष्ट्र पर भी बड़ा दांव लगा रही है। उसका मानना है कि महाराष्ट्र में वो कड़ी टक्कर देगी, जहां उसे 48 में से 20 सीट मिल सकती हैं, जबकि कर्नाटक में वो 28 में से 14 सीट ले जाएगी।
केरल में वो 20 में से 12 सीटें अपने खाते में मान रही है। पंजाब में सत्ता विरोधी लहर के बावजूद कांग्रेस कोई खास फायदा नहीं उठा पा रही, जहां उसे 13 में से 7 सीट की उम्मीद है।
राजस्थान में वो 25 में से आठ सीट की उम्मीद कर रही है, जबकि भगवा दल उसके सफाये की बात कर रहा है। साथ ही दिल्ली की सात में से दो सीटें वो अपने पाले में मानकर चल रही है।