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अजय राय की गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस, PMO की साजिश बताया

Thu, 08 Oct 2015 09:05 AM IST
Updated Thu, 08 Oct 2015 09:05 AM IST
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congress opposed to arresting of mla ajay rai

अन्याय प्रतिकार यात्रा में हुए बवाल के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस विधायक अजय राय को पुलिस ने मंगलवार देर रात फर्रूखाबाद स्थित फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया। वहां पहले से ही पूर्वांचल के दो बड़े माफिया सुभाष ठाकुर और उदयभान डाक्टर बंद हैं।

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पार्टी विधायक की गिरफ्तारी को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सियासी साजिश बताते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेशपति त्रिपाठी को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। कहा कि अन्याय के खिलाफ संघर्ष में पूरी कांग्रेस विधायक अजय राय के साथ खड़ी है।
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सोनिया के निर्देश पर गुरुवार को पार्टी के यूपी प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री और प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री जेल में बंद विधायक से मिलने फतेहगढ़ जाएंगे। सोमवार के बवाल के बाद गिरफ्तार 50 आरोपियों में से छह की बुधवार को जमानत हो गई। उधर, नामजद लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जगह-जगह दबिश डालती रही।
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बवाल का सीसीटीवी फुटेज और फोटो पुलिस ने जुटा लिया है। इसके आधार पर बुधवार को तीन लोग उठाए गए, उनसे पूछताछ करने कैंट थाना एसएसपी भी पहुंचे। तीनों की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस ने नहीं की। वहीं, बाइक फूंकने की तस्वीर वायरल होने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हुए उपद्रव की न्यायिक जांच की मांग की है।

समर्थक बोले, जेल में विधायक की जान को खतरा

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पिंडरा विधायक अजय राय को पुलिस ने मंगलवार की शाम दिल्ली से बाबतपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट के बाहर से गिरफ्तार किया था। समर्थकों ने इसे लेकर एयरपोर्ट के बाहर, पिंडरा और चेतगंज क्षेत्र में हंगामा किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें पहले पुलिस लाइन ले गई। समर्थकों की भीड़ जुटी तो पुलिस ने उन्हें लाठियां पटक कर खदेड़ दिया।

समर्थकों का कहना है कि अजय राय की जान को खतरा है। बवाल में उनकी कोई भूमिका नहीं है। ऐसे में उन्हें फतेहगढ़ जेल भेजना गलत है। उधर, पुलिस का मानना है कि अगर अजय राय को जिला जेल में रखा गया होता तो पूरे दिन उनसे मिलने वालों की भीड़ लगी रहती। इससे हंगामे की आशंका बनी रहती।

गोदौलिया पर सोमवार को हुए बवाल के मामले में गिरफ्तार 50 आरोपियों में से छह लोगों को बुधवार को अदालत ने जमानत दे दी। प्रभारी सत्र न्यायाधीश अचल सचदेवा की अदालत ने प्रतिकार न्याय यात्रा के दौरान आगजनी, जानलेवा हमला, लूटपाट समेत अन्य मामलों में आरोपित अधिवक्ता रमेश उपाध्याय, गौतम वर्मा, रामसुंदर केशरवानी, विनय गुप्ता, नवीन गुप्ता और निभर्यराज सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

जमानत का पर्याप्त आधार पाते हुए 25-25 हजार रुपये के दो जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि आरोपियों की घटना में कोई विशेष भूमिका नहीं है। वहीं अधिवक्ता रमेश उपाध्याय की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को कचहरी खुलते ही अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।

घायलों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा यूपी सरकार
भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने प्रदेश सरकार से गोदौलिया बवाल की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। विधायक ने कहा कि मीडिया के पास कुछ फुटेज है, जिसमें पुलिस वाले ही आगजनी कर रहे थे। जब जांच के दायरे में पुलिस है तो फिर पुलिस से जांच कराने का कोई फायदा नहीं है। पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच होनी चाहिए। साथ ही लाठीचार्ज और उपद्रव में जख्मी लोगों को प्रदेश सरकार की ओर से उनके इलाज के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता मिलनी चाहिए।

'पीएमओ के निर्देश पर अजय राय को फंसा रही पुलिस'

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विधायक अजय राय की गिरफ्तारी से बौखलाई कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि प्रधानमंत्री के इशारे पर कांग्रेस विधायक को प्रताड़ित किया जा रहा है।

मड़िहान से कांग्रेस के विधायक ललितेशपति त्रिपाठी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि बनारस में जो कुछ भी घट रहा है वह पीएम और सीएम के सियासी गठजोड़ का नतीजा है। दोनों में साठगांठ है। शहर में उपद्रव कराकर दोनों ही पार्टियां 2017 के लिए अपनी जमीन तैयार करना चाहती हैं। इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच सामने आ सके।

ललितेश ने कहा कि शहर जल रहा है और यहां के सांसद जो देश के प्रधानमंत्री हैं, मौन हैं। उन्हें अपने घर की तनिक भी चिंता नहीं। जनता सब समझ रही है। वक्त आने पर उन्हें भी जवाब मिलेगा। कहा कि विधायक अजय राय को गिरफ्तार कर फर्रूखाबाद की फतेहगढ़ जेल भेजना गहरी साजिश है। पहले से ही वहां सुभाष ठाकुर और उदयभान डाक्टर समेत कई बड़े अपराधी बंद हैं।

मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ एक मामले में वह गवाह हैं। विधायक को उनसे जान का खतरा है। इतना ही नहीं अजय राय के बाबत सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश है कि उन्हें मुकम्मल सुरक्षा प्रदान की जाय। बताया कि कांग्रेस नेताओं का एक दल आज आईजी से मिला है। उन्हें सीएम को संबोधित एक पत्र सौंपकर पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की गई है।

संतों की नाराजगी दूर करने काशी आए भागवत

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पुलिस लाठीचार्ज से उद्वेलित साधु-संतों को मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत बुधवार देर शाम काशी पहुंचे। भागवत गुरुवार की दोपहर निवेदिता शिक्षा सदन में स्थानीय प्रचारकों और भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात का मकसद विसर्जन विवाद को लेकर अशांत काशी की नब्ज टटोलना है। अपने एक दिवसीय प्रवास में संघ परिवार के मुखिया कुछ संतों से मुलाकात भी करेंगे। ये मुलाकात कब और कहां होगी, इसे गोपनीय रखा गया है।

देर शाम महमूरगंज स्थित संघ कार्यालय पहुंचे भागवत ने आते ही क्षेत्र प्रचारक शिवनारायण और प्रांत प्रचारक अभय कुमार के बैठक की। प्रचारकों से पूछा कि विसर्जन विवाद को लेकर चले आंदोलन में भाजपा की क्या भूमिका रही और कांग्रेस ने इस आंदोलन को कैसे भाजपा के हाथ से छीन लिया। उन्होंने शहर के हालात के बारे में भी मंत्रणा की और पूछा कि गंगा में विसर्जन के सवाल पर काशी की आम जनता की राय क्या है। साधु-संतों पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर चिंता जाहिर की।

उन्होंने साफ कहा कि केंद्र में हिंदूवादी सरकार के रहते संतों पर अत्याचार का गलत संदेश जाएगा। ऐसी घटनाओं का प्रतिकार होना चाहिए। विसर्जन विवाद में कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधे जाने पर संघ प्रमुख ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। गंगा में विसर्जन से जुड़े मसले पर भाजपा का रुख स्पष्ट न होने को उन्होंने संगठन की चूक माना है।

शाम को दिल्ली से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर पत्रकारों ने भागवत को घेरा और सवालों की झड़ी लगा दी मगर वे ‘नो क्वेश्चन’ कहकर आगे बढ़ गए। संघ सूत्रों के मुताबिक अपने काशी प्रवास के दौरान भागवत गुरुवार की शाम रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला देखने भी जाएंगे। काशी नरेश परिवार की ओर से उन्हें रामलीला का आमंत्रण भेजा गया था, जिसे स्वीकार करने के साथ ही उन्होंने लीला देखने आने का वादा किया था। उसी वादे को पूरा करने गुरुवार को भागवत रामनगर जा रहे हैं। वहां से वह गोरखपुर रवाना हो जाएंगे। जहां संघ की बड़ी बैठक होनी है।

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