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कांग्रेसी फरमान से क्यों खफा हुए मनीष तिवारी और अल्वी?

Tue, 16 Sep 2014 12:02 PM IST
Updated Tue, 16 Sep 2014 12:02 PM IST
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congress new rule for party leaders.

नेताओं के बड़बोले बयानों की वजह से बार-बार असहज हो रही कांग्रेस ने अब अपने अधिकृत प्रवक्ताओं की सूची जारी की है।

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साथ ही नेताओं को बिना अधिकृत हुए मीडिया में बयान जारी नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। नेताओं के अलग-अलग सुर से कांग्रेस को लगातार असहज होती रही है।

मनीष तिवारी, राशिद अल्वी, दिग्विजय सिंह, जनार्दन द्विवेदी, शीला दीक्षित, मणिशंकर अय्य्र समेत कई नेता अपने बड़बोले बयान की वजह से पार्टी को बैकफुट पर खड़ा कर चुके हैं। इसलिए पार्टी ने सोमवार को पांच वरिष्ठ और 13 प्रवक्ताओं की सूची जारी की।

कांग्रेस महासचिव और मीडिया विभाग के अध्यक्ष अजय माकन ने ट्वीटर के जरिए कहा है कि पार्टी के लिए सिर्फ इस सूची में शामिल नेता ही मीडिया में बात कर सकते हैं।
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उधर, कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने इस मुद्दे पर कहा कि पार्टी ने दूसरे नेताओं के बयान देने पर रोक नहीं लगाई है। सिर्फ अधिकृत प्रवक्ताओं की सूची जारी की है।
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कांग्रेस ने जारी की प्रवक्ताओं की सूची

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इन सबके बीच, पार्टी के कई नेता इस रोक के बावजूद बड़े नेताओं के बयानों पर अंकुश लगने को लेकर शंका जता रहे है। उनका कहना है कि पहले भी कई बार ऐसा हुआ है, लेकिन रोक के बाद बयानों की झड़ी और तेज हुई है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी और मनीष तिवारी ने मीडिया में अधिकृत प्रवक्ताओं के अलावा अन्य किसी नेता के पार्टी की राय रखने पर रोक लगाए जाने के फरमान के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है।

दोनों ही नेताओं का कहना है कि वह अपनी राय जाहिर करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह वक्त एक दूसरे से लड़ने या अपमानित करने का नहीं, बल्कि सांप्रदायिकता से संघर्ष का है।

तिवारी ने ट्वीट कर कहा है कि उन्हें अपने विचार व्यक्त करने के लिए किसी अपने नाम के साथ किसी संज्ञा या विशेषण की जरूरत नहीं है। उधर, अल्वी ने कहा है कि वे कांग्रेस के एक साधारण कार्यकर्ता हैं और इस नाते वे पार्टी का बचाव करते रहेंगे।

क्यों लेना पड़ा ऐसा फैसला?

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अल्वी ने कहा कि यह बड़ा ही कठिन समय है, क्योंकि सांप्रदायिक ताकतों ने सिर्फ देश पर कब्जा नहीं किया है, बल्कि वे सांप्रदायिकता भी फैला रहे हैं। ऐसे में वे पार्टी का बचाव करने को अपना कर्तव्य मानते हैं।

कांग्रेस को हाल के दिनों खासकर लोकसभा चुनाव के बाद से अपने नेताओं के बड़बोले बयानों की वजह से कई बार परेशानी का सामना करना पड़ा है।

कई बार तो पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से ऐसे बयान आए जिसने पार्टी की स्थिति असहज कर दी और पार्टी को उस बयान को उस नेता का व्यक्तिगत विचार बताकर मामले से पल्ला झाड़ना पड़ा।

हाल के दिनों में अपने नेताओं में बढ़ते इस चलन को देखकर पार्टी को प्रवक्ताओं की सूची जारी करनी पड़ी है। नई सूची में पांच वरिष्ठ प्रवक्ता और 13 प्रवक्ताओं के नाम हैं। अजय माकन ने ट्विटर के जरिए पार्टी के फैसला की जानकारी दी।

वरिष्ठ प्रवक्ता-
- गुलाम नबी आजाद, सलमान खुर्शीद, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक और पी. चिदंबरम

प्रवक्ता-
- अभिषेक मनु सिंघवी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सत्यव्रत चतुर्वेदी, पीसी चाको, राजबब्बर, रणदीप सुरजेवाला, रीता बहुगुणा जोशी, संदीप दीक्षित, संजय झा, शकील अहमद, शक्ति सिंह गोहिल, शशि थरूर और शोभा ओझा

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