गोदौलिया बवाल: कोर्ट में पेश हुए विधायक अजय राय
गोदौलिया बवाल मामले में आरोपी और रासुका में निरुद्ध कांग्रेस विधायक अजय राय को सोमवार की सुबह फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से लाकर यहां एसीजेएम (षष्टम) की कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने विधायक और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद उनकी रिमांड अवधि 14 दिन और बढ़ा दी। इसके बाद उन्हें वापस फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्तूबर को होगी।
विधायक अजय राय सोमवार को दिन में 11 बजे के लगभग भारी सुरक्षा के बीच एसीजेएम (षष्टम) अंकुर शर्मा की अदालत में गोदौलिया बवाल के मामले में पेश किया गया। विधायक के अधिवक्ताओं ने कहा कि वे बेकसूर हैं और पुलिस ने गलत तरीके से उनको मुलजिम बनाया है। इसलिए उनका रिमांड निरस्त कर फतेहगढ़ के बजाय उन्हें वाराणसी जेल में रखा जाए।
अदालत से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी
अभियोजन अधिकारी वीपी पाठक ने कहा कि आरोपी विधायक की सत्र अदालत से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है, ऐसे में रिमांड निरस्त किए जाने का कोई औचित्य ही नहीं है। बनारस जेल में रखने के मुद्दे पर कहा कि प्रशासनिक निर्णय के आधार पर कानून व्यवस्था के मद्देनजर अजय राय को फतेहगढ़ भेजा गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विधायक को फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया और अगली पेशी की तिथि 31 अक्तूबर निर्धारित की।
विधायक अजय राय के आने की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक सोमवार सुबह से ही कचहरी परिसर में जुटने लगे थे। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर बीएसएफ, आरएएफ, पीएसी और पुलिस तैनात थी। अजय राय के कोर्ट पहुंचते ही समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की।
'जेल में बुरा बर्ताव किया जा रहा'
अजय राय ने पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार की शह पर प्रदेश सरकार के इशारे पर दुर्भावना के तहत उनके साथ फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बुरा बर्ताव किया जा रहा है। उनसे मिलने के लिए लोग आते हैं तो मुलाकात नहीं करने दिया जाता है।
सही तरीके से दोनों समय का भोजन नहीं दिया जा रहा है। हर समय असुरक्षा का भय अलग से है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस जुल्म का बदला 2017 के विधानसभा चुनाव में लेंगे।
कितनी भी ज्यादती की जाए लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटेगा नहीं। पीएम मोदी के विकास की हकीकत आमजन के सामने प्रस्तुत करने से वे पीछे नहीं हटेंगे।