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कांग्रेस के छह मंत्रियों ने ममता को सौंपा इस्तीफा
कोलकाता/एजेंसी
Updated Sat, 22 Sep 2012 08:44 PM IST
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केंद्र की यूपीए सरकार से तृणमूल कांग्रेस द्वारा समर्थन वापस लेने और उसके छह मंत्रियों के इस्तीफा देने के बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के छह मंत्रियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस्तीफे सौंप दिए।
इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में कैबिनेट स्तर के मानस भुइयां और अबु हीना शामिल हैं। राज्य स्तर के मंत्रियों सुनील टिर्की, अबू नासेर खान चौधरी, सबीना यास्मीन और प्रमथनाथ रॉय ने भी त्यागपत्र दे दिए।
इसके बाद राज्य कांग्रेस के प्रमुख प्रदीप भट्टाचार्य के साथ कांग्रेसियों ने राज भवन जाकर राज्यपाल एमके नारायणन से भेंट कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का पत्र भी सौंप दिया। बाद में भुइयां ने मीडिया से कहा कि यह ममता की कार्रवाई का सीक्वल है। उनके छह मंत्रियों ने यूपीए सरकार से इस्तीफा दिया और समर्थन वापस ले लिया इसलिए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के कार्यकाल में हुए काम पर संतोष प्रकट किया और कहा कि वे जब भी चाहें भविष्य में उनसे संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 42 विधायक हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 185 सदस्यों के साथ पूर्ण बहुमत में है। वहीं माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के 60 विधायक हैं। इनमें से अकेले माकापा के 38 हैं। आगे की रणनीति के लिए राज्य कांग्रेस ने 12 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।
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इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में कैबिनेट स्तर के मानस भुइयां और अबु हीना शामिल हैं। राज्य स्तर के मंत्रियों सुनील टिर्की, अबू नासेर खान चौधरी, सबीना यास्मीन और प्रमथनाथ रॉय ने भी त्यागपत्र दे दिए।
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इसके बाद राज्य कांग्रेस के प्रमुख प्रदीप भट्टाचार्य के साथ कांग्रेसियों ने राज भवन जाकर राज्यपाल एमके नारायणन से भेंट कर राज्य सरकार से समर्थन वापसी का पत्र भी सौंप दिया। बाद में भुइयां ने मीडिया से कहा कि यह ममता की कार्रवाई का सीक्वल है। उनके छह मंत्रियों ने यूपीए सरकार से इस्तीफा दिया और समर्थन वापस ले लिया इसलिए कांग्रेस ने यह कदम उठाया है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के कार्यकाल में हुए काम पर संतोष प्रकट किया और कहा कि वे जब भी चाहें भविष्य में उनसे संपर्क कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 42 विधायक हैं। जबकि तृणमूल कांग्रेस 185 सदस्यों के साथ पूर्ण बहुमत में है। वहीं माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट फ्रंट के 60 विधायक हैं। इनमें से अकेले माकापा के 38 हैं। आगे की रणनीति के लिए राज्य कांग्रेस ने 12 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।