कांग्रेस ने ठोका विपक्ष के नेता का दावा
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लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर अड़ी कांग्रेस ने अब औपचारिक रूप से इस पद के लिए अपना दावा लोकसभा स्पीकर के सामने जता दिया है।
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात कर सदन में विपक्ष के नेता पद के लिए पार्टी की ओर से औपचारिक रूप से दावा पेश किया।
खड़गे ने सुमित्रा महाजन को यूपीए के 60 सांसदो के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि विपक्षी दलों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है।
सीवीसी और लोकपाल की नियुक्ति में निर्णय लेने की प्रक्रिया में विपक्ष के नेता पद की एक अहम भूमिका है। इसलिए कांग्रेस को ये पद दिया जाना जरूरी है।
पद के लिए पूरा जोर लगाने के मूड में कांग्रेस
मुलाकात के बाद खड़गे ने कहा कि संसद में विपक्ष का नेता, वेतन और भत्ता कानून 1977 पूरी तरह से स्पष्ट करता है कि विपक्ष के नेता का पद सरकार के बाद अकेली सबसे बड़ी विरोधी पार्टी को मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उस पार्टी के प्रतिनिधि को विपक्ष के नेता पद की मान्यता मिलनी चाहिए, जिसकी विपक्ष में सबसे ज्यादा सदस्य संख्या है। खड़गे ने कहा कि यूपीए के 60 सांसदों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन स्पीकर को सौंप दिया गया है। इस मामले में अब उन्हें फैसला करना है।
सोनिया गांधी मंगलवार को इस मसले पर राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुकी हैं। जबकि पार्टी के लोकसभा सांसदों के साथ भी वह इस मुद्दे पर बैठक कर चुकी हैं। पार्टी इस मुद्दे पर पूरा जोर लगाने का फैसला कर चुकी है।
संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें इस बात का खेद है कि औपचारिक रूप से इस पद के लिए दावा किए बगैर कांग्रेस के कुछ नेता इस मुद्दे पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कर रहे हैं। लोकसभा स्पीकर से मुलाकात में खड़गे के साथ कांग्रेस के सदन में उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह और मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।