कांग्रेस को सताया मोदी का डर, बनाएगी खास रणनीति
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लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए बुलाई गई चुनाव प्रचार अभियान समिति की पहली बैठक में ही नरेंद्र मोदी का डर कांग्रेसियों को सताने लगा है।
इसी वजह से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सीधे सोनिया और राहुल के सामने मांग कर डाली कि मोदी के खिलाफ पार्टी में फैले भ्रम को दूर करना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि उनके खिलाफ लड़ना है, तो कितना लड़ना है।
मोदी से होगा सीधा मुकाबला
कांग्रेस नेताओं ने हाईकमान को दो टूक कह दिया कि अब मोदी के खिलाफ सीधे दो-दो हाथ करने का समय आ गया है।
सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी और वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि मोदी के खिलाफ पार्टी को रणनीति बनानी चाहिए।
बैठक में कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी सात दिन में हर लोकसभा क्षेत्र में पदयात्रा का कार्यक्रम शुरू और खत्म करने के आदेश का भी विरोध किया गया।
मनीष ने रखा सवाल
चुनाव प्रचार अभियान की समिति में सोनिया गांधी ने सबसे पहले कांग्रेसी नेताओं को मजबूती से चुनाव लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने दस साल में काफी काम किए हैं, जिसे जनता तक पहुंचाने का वक्त आ गया है।
मगर मनीष तिवारी और आनंद शर्मा ने मोदी के खिलाफ कांग्रेस के पास कोई रणनीति नहीं होने की बात कर बैठक का एजेंडा बदल दिया।
सबसे पहले तिवारी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब ये पता होना चाहिए कि मोदी के खिलाफ पार्टी की आखिर रणनीति क्या है। तिवारी ने पार्टी में मोदी को लेकर भ्रम की बात कही।
बैठक का ऐजेंडा बदला
मगर मनीष तिवारी और आनंद शर्मा ने मोदी के खिलाफ कांग्रेस के पास कोई रणनीति नहीं होने की बात कर बैठक का एजेंडा बदल दिया।
सबसे पहले तिवारी ने कहा कि अब समय आ गया है, जब ये पता होना चाहिए कि मोदी के खिलाफ पार्टी की आखिर रणनीति क्या है। तिवारी ने पार्टी में मोदी को लेकर भ्रम की बात कही।
उनकी बात का आनंद शर्मा ने समर्थन किया। उसके बाद कई और नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई। सोनिया और राहुल दोनों इस बात पर खामोश दिखे।
सभी बोले पर राहुल खामोश
बैठक में पार्टी महासचिव गुरुदास कामत ने कहा कि पार्टी ने सर्कुलर जारी किया है कि हर लोकसभा सीट पर सात दिन में पदयात्रा पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि सात दिन का वक्त कम है।
इसके अलावा सत्यव्रत चतुर्वेदी ने दागियों और बार बार पार्टी बदलने वाले नेताओं को टिकट नहीं देने की बात कही। वहीं ज्यादातर नेताओं ने कहा कि टिकट का ऐलान जल्द होना चाहिए।
इसके बाद ही प्रचार अभियान की शुरूआत होती है। बडे़ नेताओं के अलग अलग सुर के बजाय एक आवाज में बोलने की मांग भी उठी।
कुछ नेताओं ने कहा कि मीडिया का एक वर्ग कांग्रेस की छवि को खराब करने का काम कर रहा है। इसे लेकर पार्टी को रणनीति बनानी चाहिए। बैठक में मौजूद 42 सदस्यों में 17 लोगों ने अपनी राय रखी। बैठक में राहुल गांधी ने कुछ नहीं कहा।