मोदी सरकार पर नजर रखेगी कांग्रेस की 'शैडो कैबिनेट'
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने एनडीए सरकार के प्रमुख मंत्रालयों के काम पर नजर रखने के लिए कई ‘शैडो कैबिनेट’ कमेटियां तैयार की हैं। इसी के तहत ट्विटर अकाउंट भी बनाया गया है ताकि बेहतर विपक्ष की भूमिका निभाई जा सके।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि 24 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए सात ‘शैडो कैबिनेट’ कमेटियां बनाई गई हैं, जो नरेंद्र मोदी सरकार के प्रमुख मंत्रालयों के फैसलों और पॉलिसी पर नजर रखेगी।
लोकसभा में सिर्फ 44 सांसदों तक सिमट जाने के बावजूद कांग्रेस ने सरकार से मुकाबला करने के लिए अपने सीमित विकल्पों का इस्तेमाल करते हुए इन समितियों को गठित किया है।
इन समितियों में एके एंटनी, एम वीरप्पा मोइली, आनंद शर्मा, ऑस्कर फर्नांडीज, मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद को प्रमुखता से जगह दी गई है।
कांग्रेस ने बनाई सात कमेटियां
वित्त, विदेश, वाणिज्य और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से जुड़े मुद्दों को देखने वाली समिति में मोइली, आनंद शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं जबकि गृह मंत्रालय, रक्षा, कानून व न्याय मंत्रालय के लिए एंटनी, अश्विनी कुमार और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजीव सातव को नियुक्त किया गया है।
दिग्विजय सिंह, अशोक चव्हाण और निनोंग इरिंग कृषि मंत्रालय, पेय जल व स्वच्छता मंत्रालय पर नजर रखेंगे। खड़गे, फर्नांडीस और रंजीता रंजन को रेलवे और श्रम का जिम्मा सौंपा गया है।
ब्रिटिश संसद के आधार पर तैयार समिति
कांग्रेस ने समितियां बनाने का आइडिया एक तरह से ब्रिटिश संसद से लिया है, जहां प्रत्येक मंत्री के लिए विपक्षी दल अपने एक सांसद को ‘शैडो’ (परछाई) के रूप में नियुक्त करता है।