कांग्रेस के ये योद्धा देंगे मोदी को चुनौती!
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भले ही बनारस से नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस का उम्मीदवार अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी के अंदर उनके खिलाफ अपना नाम आगे कर अपने नंबर बनाने की होड़ मच गई है।
कांग्रेस में किनारे कर दिए राशिद अल्वी ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर मोदी के खिलाफ खुद को लड़ाने की पेशकश की है तो चिदंबरम ने कहा है कि अगर उन्हें हिंदी आती तो वह जरूर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ते।
उससे पहले दिग्विजय सिंह और आनंद शर्मा समेत कई स्थानीय नेता भी मोदी के खिलाफ लड़ने की बात कह चुके हैं।
लिस्ट में नया नाम चिदंबरम का
सोमवार को वित्त मंत्री से जब ये पूछा गया कि आप कांग्रेस के बड़े नेता हैं। आप क्यों नहीं मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं?
इस पर उनका कहना था कि अगर वह हिंदी जानते तो जरूर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ जाते। वे यही चाहते थे।
फिर उन्होंने कहा कि उनको यह पता है कि मोदी भी शिवगंगा से चुनाव नहीं लड़ सकते। चिदंबरम ने कहा कि मोदी के खिलाफ पार्टी मजबूत उम्मीदवार का ऐलान एक या दो दिन में कर सकती है।
मुरादाबाद से कट गया था अल्वी का टिकट
मोदी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने में हो रही देरी का फायदा पार्टी के नेता उठाने में जुट गए हैं। पार्टी में हाशिये पर चल रहे राशिद अल्वी ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगा है।
अल्वी मुरादाबाद से टिकट मांग रहे थे। मगर पार्टी ने उनकी जगह बेगम नूरबानो को तरजीह दी।
चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि सेक्युलर भारत का सपना एक खौफ के साए में है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा है कि मैं मोदी को सेक्युलरिज्म का पाठ पढ़ाना चाहता हूं।
पहले चला था दिग्विजय का नाम
राशिद अल्वी से पहले कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी के सियासी गुरू माने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने भी मोदी के खिलाफ लड़ने की इच्छा जताई थी।
हालांकि बाद में इस चर्चा पर खुद दिग्विजय ने फुलस्टॉप लगा दिया। दिग्विजय ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे वैसा ही करेंगे जैसा पार्टी कहेगी।
दिग्गी ने कहा था कि,"मैं वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहता हूं, लेकिन वहां से चुनाव लड़ने से पहले पार्टी को मुझे टिकट देना होगा।"
मोदी के खिलाफ कई हैं कतार में
हालांकि उन्होंने कहा था कि पार्टी कुछ नामों पर विचार कर रही है जिसमें से एक नाम फाईनल कर लिया जाएगा।
आनंद ने कहा था कि अगर पार्टी उनको टिकट देती है तो वो भी मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने को तैयार हैं।
स्थानीय नेता भी हैं मैदान में
बनारस से पूर्व सांसद रहे राजेश मिश्रा खुद को मोदी के खिलाफ सबसे मजबूत दावेदार बता रहे हैं।
दूसरे स्थानीय उम्मीदवार और कांग्रेस विधायक अजय राय कह रहे है कि मोदी के खिलाफ उनकी दावेदारी मजबूत है और स्थानीय नेता को ही टिकट देना चाहिए।
हालांकि कांग्रेस के कई बड़े नेता इसे सुर्खियों में रहने की कोशिश भर मान रहे हैं।