कांग्रेस ने तय किया, किस पर फोड़ेंगे करारी हार का ठीकरा?
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भले ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को विदाई भोज देकर उनका मान बढ़ा रही हों, मगर पार्टी के अन्य नेता लोकसभा चुनाव में संभावित हार का ठीकरा उन्हीं के सिर फोड़ने को तैयार बैठे हैं।
हार का ठीकरा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सिर न फूटे इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रयास भी शुरू कर दिए हैं।
इसी रणनीति के तहत केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार के कामकाज को कठघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है।
कलमनाथ ने भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को कहा कि जो भी नतीजा होगा सरकार के कामकाज पर आधारित होगा और राहुल कभी सरकार का हिस्सा नहीं रहे हैं। राहुल के बचाव में पार्टी के नेता आने वाले दिनों में और खुलकर सामने आ सकते हैं।
हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं को प्रधानमंत्री के खिलाफ खुलकर सामने नहीं आने को लेकर खास निर्देश दिए है। मगर फिर भी गांधी परिवार के प्रति वफादारी दिखाते हुए कई नेता परोक्ष रूप से मनमोहन सरकार पर सवाल उठाने लगे हैं।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि राहुल ने कांग्रेस के चुनाव प्रचार में जान फूंक दी। वह पार्टी के सबसे परिश्रमी स्टार प्रचारक रहें। उन्होंने 125 रैलियां की और हर राज्य का दौरा किया।
शकील बोले सामूहिक होगा जिम्मेदारी
उन्होंने तर्क दिया कि सवाल हार या जीत का नहीं बल्कि पार्टी को एक सही दिशा में ले जाने की कोशिश को देखना चाहिए। दरअसल, चुनावी सर्वेक्षण के नतीजे हों या फिर पार्टी का आंतरिक चुनावी फीडबैक।
पार्टी को भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद धूमिल हो रही है। लिहाजा, सबसे पहले राहुल के बचाव की कोशिशें होने लगी हैं।
सोमवार को कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने हार की जवाबदेही तय करने के सवाल पर कहा था कि जो भी नतीजे होंगे, इसकी सामूहिक जिम्मेदारी होगी। अब इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों का खुलकर राहुल के बचाव में जुटने से परोक्ष रूप से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह निशाने पर आ रहे हैं।