महाराष्ट्र कांग्रेस में राणे की बगावत
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महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री नारायण राणे ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राणे मुख्यमंत्री न बनाए जाने से पार्टी से नाराज चल रहे थे।
नारायण राणे ने हालांकि अभी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। ऐसा कहा जा रहा है कि राणे इस्तीफा देने के बाद चुनाव प्रचार के लिए अपने गढ़ कोंकण में दौरा करेंगे।
सीएम पृथ्वीराज को सौंपा
लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान पर राणे नाराज थे। नारायण राणे शिवसेना को छोड़कर कांग्रेस में आए थे। मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात कहकर राणे को कांग्रेस में शामिल किया गया था।
हालांकि राणे ने भी कांग्रेस से इस्तीफा नहीं दिया है और फिलहाल पार्टी से जुड़े रहेंगे।
शिवसेना से कांग्रेस में आए थे राणे
शिवसेना की सरकार दौरान राणे 1999 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे थे। शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया था।
2005 में नारायण राणे शिवसेना छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे और बीते नौ साल से सरकार में अहम पदों पर रहे। हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में नारायण राणे के बेटे नीलेश को करारी हार का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं राणे
राणे सोमवार सुबह मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मिले और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा। राणे ने इसके बाद प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जमकर अपनी दिल की भड़ास निकाली।
नारायण राणे ने खुलकर अपनी सीएम पद की महत्वकांक्षा जाहिर की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आने के बाद मुझे 6 महीने में सीएम बनाने का वादा किया गया था। मैंने इसके लिए 9 साल तक इंतजार किया।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार उस तरह से काम नहीं कर रही है, जैसा करना चाहिए। राणे ने कहा कि मैं उस पार्टी में नहीं रहना चाहता हूं, जो चुनाव में हारने जा रही है।