राहुल के बाद अब पार्टी में सोनिया के खिलाफ खुला मोर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हार के बाद कांग्रेस के अंदर विवादित बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। विवादित बयानबाजी का दौर बढ़ने के कारण सोमवार को कांग्रेस को एक बार फिर सोनिया गांधी की पार्टी नेताओं को दी गई चेतावनी याद दिलानी पड़ी।
बिहार के किशनगंज से कांग्रेस के सांसद असरारुल हक की ओर से कथित तौर पर कहा गया है कि सोनिया गांधी को दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी से मुलाकात नहीं करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान इस मुलाकात से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान से इनकार भी कर दिया।
दिग्विजय ने बुखारी को बताया सांप्रदायिक
मगर विवादित बयानों की बौछारों के बाद कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने अहमद बुखारी को सांप्रदायिक बता दिया। दिग्विजय सिंह के इस बयान से सोनिया गांधी की बुखारी से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठ गए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही निशाने पर हैं। केरल के नेता मुस्तफा और राजस्थान के विधायक भंवर लाल शर्मा राहुल पर अपमानजनक टिप्पणी कर चुके हैं। दोनों नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
सोनिया की चेतावनी को दिलाया याद
फिर भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसलिए सोमवार को पार्टी को फिर से सोनिया की नेताओं को नसीहत याद दिलाई।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि संसदीय पार्टी की बैठक में सोनिया गांधी ने सभी नेताओं को साफ कह दिया था कि पार्टी के नेताओं को जो भी बात कहनी है, वह अपनी बात पार्टी फोरम में ही कहे।
केरल के नेता मुस्तफा ने राहुल गांधी को जोकर बताया था। तो भंवर लाल शर्मा ने राहुल को जोकरों का मैनेजर बताया था। दोनों नेताओं को निलंबित कर दिया गया।