फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Congress, JD-U advice manjhi to control his statement.

बयानों के भंवर में मांझी, अपनों का निशाना

Fri, 14 Nov 2014 12:24 AM IST
Updated Fri, 14 Nov 2014 12:24 AM IST
विज्ञापन
Congress, JD-U advice manjhi to control his statement.

ऊंची जातियों के खिलाफ दिये बयान को लेकर दल में ही नहीं बल्कि गठबंधन के अंदर भी मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी निशाने पर आ गये हैं। एक ओर जहां उनके दल के विधायक ही उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं तो दूसरी ओर गठबंधन में शामिल कांग्रेस ने उनके बयान को गैर मर्यादित और निंदनीय बताया है।

विज्ञापन


मामले की गंभीरता इसी बात से लगायी जा सकती है कि अमूमन बिहार मामले में खामोश रहने वाले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने भी मुख्यमंत्री को बयान देने में संयम बरतने की हिदायत दी है।
विज्ञापन


इस सबके बीच मांझी ने एक बार फिर अपने बयान को सही ठहराते हुए कहा है कि जो इस पर हंगामा कर रहे हैं उन्हें इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वो आदिवासियों को संबोधित कर रहे थे और देश के के मूल निवासी वही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मांझी ने दावा किया कि उनका दल या नीतीश कुमार से कोई मतभेद नहीं है। इससे पूर्व बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने कहा था कि उनके इस तरह के बयानों से विरोधी भाजपा को फायदा पहुंचेगा।

मांझी ने किया बयान का समर्थन

Congress, JD-U advice manjhi to control his statement.

दूसरी ओर मुख्यमंत्री के बयान से नाराज मोकामा से बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने कहा कि मांझी को हटाने के लिए अगर आंदोलन करना होगा, तो वो करेंगे। अनंत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मांझी मानसिक रुप से बीमार हैं उन्हें पहले इलाज की जरूरत है।

बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के विवादित बयान
12 नवंबर, 2014 : ऊंची जाति के लोग इस देश के मूल निवासी नहीं हैं फिर भी राज कर रहे हैं। आदिवासी और दलित ही यहां के मूल निवासी हैं और उन्हें अपना अधिकार लेना चाहिए।
6 नवंबर, 2014 : पटना में कहा कि मैं थोड़े ही दिन के लिए मुख्यमंत्री हूं। ये बात आप लोग भी जानते हैं।
18 अक्तूबर, 2014 : अगर किसी डॉक्टर ने इलाज में गरीबों के साथ खिलवाड़ किया तो दोषी का हाथ काट देंगे, भले ही इसके लिए मेरे साथ कोई भी सितम क्यों न हो। (पूर्वी चंपारण के एक जनसभा में )
13 अक्तूबर, 2014 : पटना में जनता दरबार के दौरान मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि आश्रम पद्धति के अनुसार शादी के लिए लड़के और लड़की की उम्र एक समान 25 साल होनी चाहिए। इसका पालन करने से बीमारियों और कुपोषण की समस्या से तो मुक्ति मिलेगी और जनसंख्या पर भी कंट्रोल रखा जा सकेगा।
8 सितंबर, 2014 : एक कार्यक्रम में मांझी ने कहा कि कमा के आया है, शाम में खाने के बाद एक पव्वा पीकर सो गया...इसको हम बुरा नहीं मानते हैं।
3 सितंबर, 2014 : कालाबाजरी और टैक्स चोरी सही है, बशर्ते चोरी थोड़ी मात्रा में हो और नेक इरादे से की जाए। मुझे जानकारी है कि छोटे व्यापारी फायदे के लिए जमाखोरी और कालाबाजारी करते हैं, जिससे वो अपने परिवार का गुजारा चला सकें और अपने बच्चों को शिक्षा दे सकें। ऐसे में ये चोरी गलत नहीं है। (बिहार राज्य खाद्यान्न व्यवसायी संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में )
30 अगस्त, 2014 : बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाने वालों को मैं कहना चाहता हूं कि केवल आपके वोटों से जीत कर मैं यहां तक नहीं पहुंचा हूं हम आपके वोटों से नहीं जीतते हैं। आपके तेवर से यह लगता है कि आप लोग मुझे वोट नहीं देते हैं। (जहानाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान)

विवादों में भी फंसे मांझी
नवंबर, 2014 : मांझी ने अपने इंजीनियर दामाद देवेंद्र कुमार को अपना पीए बनाया, हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उनके दामाद ने इस्तीफा दे दिया।
अगस्त, 2014 : अपने पुत्र के एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित रुप से यौन संपर्क को लेकर मचे बवाल के बाद मांझी ने बचाव में कहा कि किसी की भी महिलामित्र हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed