विपक्ष का दर्जा पाने को कांग्रेस कर रही मशक्कत
इस बार के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की बड़ी हार के बाद अब लोकसभा में विपक्ष का दर्जा किसे मिलेगा इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के चलते उसने विपक्ष का दर्जा पाने की हैसियत भी खो दी है।
फिलहाल ये माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ बैठक करके इस मुद्दे का कोई हल निकालना चाहेगी। इसके लिए पार्टी दूसरे दलों के साथ भी इस मुद्दे पर बात कर सकती है।
इस बार के चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें ही मिल सकी हैं।
सियासी गणित साधने की कवायद
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए विपक्षी पार्टी के पास लोकसभा की कुल संख्या के 10 फीसदी के बराबर सांसद होने चाहिए।
ऐसे में 543 सदस्यीय लोकसभा में विपक्ष के नेता के लिए कांग्रेस के पास कम से कम 54 सांसद होने चाहिए। लेकिन कांग्रेस के पास इस आंकड़े से 10 सीटें कम हैं। हालांकि मुख्य विपक्षी दल का यूपीए के घटक दलों के साथ मिलकर आंकड़ा 59 है।
दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव बीके हरिप्रसाद कहते है कि लोकसभा में विपक्ष के दर्जे का मसला सुलझा लिया जाएगा।
अब देखना होगा इस बार विपक्ष का नेता कौन बनेगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा कैबिनेट मंत्री का होता है।