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राहुल के साथ आगे बढ़ रही है कांग्रेस

Tue, 06 Nov 2012 12:48 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 06 Nov 2012 12:48 AM IST
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congress is moving ahead with rahul

खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के मसले पर विपक्ष पर प्रहार करने के बाद अब कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को अगले लोकसभा चुनाव के लिए प्रोजेक्ट करने में जुट गई है। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की बड़ी भूमिका का सवाल हो या फिर राजनीतिक सिस्टम को बदलने की उनकी सोच पर छिड़ी बहस का, पार्टी हर कदम पर अब राहुल के साथ आगे बढ़ रही है। राहुल को निशाने पर लेने वाले विपक्ष से पार्टी ने सख्ती से निपटना शुरू कर दिया है।

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रामलीला मैदान से साधे गए राहुल के निशाने पर विपक्ष के पलटवार को कांग्रेस सोमवार भोथरा करने में जुटी रही। साथ ही कांग्रेस में राहुल को औपचारिक तौर पर दो नंबर का रुतबा देने की बात पर पार्टी ने कह दिया है कि वह स्वाभाविक तौर पर पार्टी में दूसरे नंबर का दर्जा रखते हैं। इसके लिए अधिकारिक घोषणा की क्या जरूरत है। रविवार को रामलीला मैदान की रैली में राहुल ने मौजूदा राजनीतिक प्रणाली की कड़ी आलोचना की थी और उसे बदलने की तरफ भी इशारा किया था।
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सोमवार को राहुल के बयान पर विपक्ष और खुद मीडिया में चर्चा रही कि क्या वह (राहुल) कांग्रेस की राजनीतिक प्रणाली की आलोचना कर रहे हैं। भाजपा ने जहां वार किया कि कांग्रेस ने देश में सालों से राज किया। राहुल को सबसे पहले खुद की पार्टी से यह सवाल करना चाहिए। राहुल के बयान पर कड़े ऐतराज के जवाब में कांग्रेस ने सफाई दी है कि राहुल खुद एक बदलाव बन कर आगे चल रहे हैं और उनके पीछे कारवां बनता चल रहा है।
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कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कहा कि राहुल की सोच आज के युवा की सोच है। उसे उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। जबकि कारगिल की जंग से संबंधित राहुल के बयान पर विपक्ष के बयान पर पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष की कमजोर नीतियों की वजह से कारगिल की जंग लोगों के घर आ पहुंची। हमने राष्ट्रीय हित में यह बात नहीं उठाई। भाजपा अहंकार से भरी हुई है। उसे अपनी सोच ठीक करनी चाहिए।


अभी तक राहुल की संगठन में बड़ी भूमिका के सवाल पर हिचकिचा कर जवाब देने वाली कांग्रेस अब खुल कर पार्टी में सोनिया गांधी के बाद सबसे ज्यादा ताकतवर राहुल को मान रही है। राजनीतिक जानकार कांग्रेस के तेवरों में इस बदलाव को 2014 की फाइनल जंग से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि राहुल के नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ना है तो इसके लिए पहले से इस तरह का अभ्यास करना बेहद जरूरी है।

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