फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   congress in doubt to alliance with jd(u) or rjd in bihar

जदयू या राजद, किसके साथ जाएगी कांग्रेस

Thu, 13 Jun 2013 12:12 AM IST
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया Updated Thu, 13 Jun 2013 12:12 AM IST
विज्ञापन
congress in doubt to alliance with jd(u) or rjd in bihar

भाजपा से जदयू का गठबंधन टूटने की खबरों से एक बार फिर बिहार में नीतीश कुमार के साथ गठजोड़ करने की चर्चा कांग्रेस में तेज हो गई है।

विज्ञापन


पार्टी के अंदर दो तरह के सुर सुनाई दे रहे हैं। एक खेमा लालू यादव को ज्यादा विश्वसनीय बता रहा है तो दूसरा खेमा नीतीश को साधने के पक्ष में है।

मगर पार्टी हाईकमान ने फिलहाल किसी भी खेमे का हिस्सा बनने को लेकर निर्णय नहीं लिया है।

एनडीए में फूट की खबरों को लेकर कांग्रेस की खुशी और बढ़ गई है। मगर पार्टी चुनाव से लगभग एक साल पहले विपक्ष में चल रही उठा पटक को देखते हुए सतर्क हो गई और कोई भी ऐसा निर्णय या संकेत नहीं देना चाहती जिससे कि भाजपा को बढ़त मिले।

कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को बिहार में गठजोड़ को लेकर चर्चाओं का दौर तेज था। नेताओं से चर्चा में दो तरह के धड़े सामने आए। एक लालू को सबसे ज्यादा वफादार बता रहा था तो दूसरा नीतीश को मजबूत मान रहा था।
विज्ञापन


मगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल तटस्थ रहने के पक्ष में है। लोकसभा चुनाव में काफी समय बाकी होने के चलते वह अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।

पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक नीतीश भले ही बिहार में मजबूत हों। मगर पार्टी चुनाव से पहले उन्हें साथ लेने के पक्ष में नहीं लगती। चुनाव बाद की संभावनाओं का विकल्प खुले रखने की बात पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नीतीश ने हमेशा कांग्रेस विरोधी राजनीति की है। वहीं पार्टी को भी इस तरह के संकेत मिले है कि खुद नीतीश भी कांग्रेस के साथ किसी तरह के सियासी संबंध बनाने के हक में नहीं हैं।


वहीं लालू की ओर से कई बार कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने की बात कहने के बावजूद पार्टी उन्हें भाव नहीं दे रही है।

पार्टी के आला नेता ने कहा कि राहुल गांधी अभी तो खुद बिहार में अकेले चलने की बात प्रदेश के नेताओं को कह चुके हैं। इसलिए इतनी जल्दी फैसला करना सियासी गलती होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed