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महाराष्ट्र-हरियाणा में कांग्रेस को वापसी की उम्मीद नहीं
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 19 Oct 2014 02:23 AM IST
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मतगणना की पूर्व संध्या पर कांग्रेस नेताओं के हावभाव और गतिविधियों को संकेत मानें तो उन्हें महाराष्ट्र और हरियाणा में जीत की उम्मीद नहीं हैं। पार्टी के नेता इन दोनों राज्यों में तीसरे स्थान से ज्यादा की आशा नहीं कर रहे हैं। हालांकि लोकसभा चुनाव की अपेक्षा अच्छे प्रदर्शन का दावा कर रहे हैं।
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कांग्रेस को महाराष्ट्र और हरियाणा में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। वह महाराष्ट्र में 15 साल और हरियाणा में 10 साल से सत्ता में है। कांग्रेस के एक केंद्रीय नेता कहते हैं कि हम दोनों राज्यों में तीसरे स्थान पर रहने का अनुमान कर रहे हैं। नाम न जाहिर करने की शर्त पर पार्टी के एक और नेता ने स्वीकार किया कि कांग्रेस ने इससे ज्यादा की उम्मीद नहीं पाल रखी है।
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माना जा रहा है कि पार्टी हाल के लोकसभा चुनाव के परिणामों से अभी तक नहीं उबर पाई है। लोकसभा चुनाव में भाजपा और इसके सहयोगियों को महाराष्ट्र में 288 विधानसभा में से 244 सीटों पर बढ़त मिली थी। इसी तरह हरियाणा में भी भाजपा और जनहित कांग्रेस ने 90 में से 58 सीटों पर बढ़त हासिल की थी और कांग्रेस को केवल आठ सीटों पर बढ़त मिली थी।
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हरियाणा में भाजपा और इनेलो के बाद कांग्रेस के तीसरे स्थान पर रहने का अनुमान है। हालांकि कांग्रेस नेता विधानसभा चुनावों में मोदी लहर को स्वीकार नहीं करते, उन्हें लोकसभा चुनाव से बेहतर की उम्मीद है। एग्जिट पोल के अनुमान भी महाराष्ट्र में पंच कोणीय मुकाबले में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी, दूसरे स्थान पर शिवसेना और तीसरे स्थान पर कांग्रेस को मान रहे हैं। इसे कांग्रेस के नेता भी स्वीकार करते हैं।