कांग्रेस का हल्लाबोल, रेल हादसे पर प्रभु का बयान
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कांग्रेस सांसदों को बर्खास्त करने से उपजा कांग्रेस का विरोध का दूसरे दिन भी जारी है। राहुल और सोनिया की अगुवाई में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेता संसद परिसर में गांधी प्रतिमाह के पास काली पट्टी बांधकर विरोध व्यक्त कर रहे हैं।
इस बीच संसद में भी हंगामा किया जा रहा है और सांसदों की बर्खास्तगी व ललितगेट मामले की गूंज चारों को सुनायी दे रही है। इस बीच रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए हादसे का कारण ट्रेक पर पानी का तेज बहाव आने को बताया। हालांकि उन्होंने सदन में जानकारी दी कि घटना की जांच रेलवे के कमिश्नर सेफ्टी करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि घटना स्थल के लिए जल्द रवाना हो रहे हैं और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वहां पहुंच रहे है।
गौरतलब है कि लोकसभा में तख्तियां लहराने वाले कांग्रेस के 25 सांसदों के निलंबन की घटना ने समूचे विपक्ष को एकजुट कर दिया है। मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के फैसले के खिलाफ कांग्रेसी सांसदों ने जहां पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में संसद भवन परिसर में धरना दिया, वहीं सपा, वामदलों और जनता परिवार ने सदन से वाकआउट किया।
नौ विपक्षी दलों की गैर मौजूदगी में लोकसभा की कार्यवाही चली। सोनिया ने महाजन के फैसले को लोकतंत्र की हत्या करार दिया तो राहुल गांधी ने कहा कि चाहे उन्हें संसद से बाहर फेंक दो, मगर हम डरने वाले नहीं।
अविश्वास प्रस्ताव लाने के पक्ष में सांसद
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि कई सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के पक्ष में हैं। विपक्षी दलों ने राज्यसभा में भी खूब हंगामा किया और सदन का कामकाज नहीं हो सका।
मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर वामदल, सपा, जदयू, आरजेडी और आईएनएलडी के सांसदों ने कांग्रेस सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाना चाहा। आईएनएलडी ने स्पीकर के फैसले के खिलाफ काम रोको प्रस्ताव पेश किया। मगर लोकसभा अध्यक्ष ने इसे नामंजूर करते हुए कहा कि उनके फैसले पर सवाल नहीं खड़े किए जा सकते।
इसके बाद इन पार्टियों के सांसद अपने स्थान से नारे लगाने लगे और सदन से वॉकआउट किया। हालांकि, इस दौरान एआईएडीएमके और बीजेडी सदस्य सदन में मौजूद थे। तृणमूल कांग्रेस के सांसद निलंबन के फैसले के विरोध में सुबह से सदन से गैर हाजिर रहे।
संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना पर बैठीं सोनिया ने कहा कि कार्यवाही चलाना सरकार की जिम्मेदारी है। हमारे सांसदों का निलंबन अलोकतांत्रिक है।