फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   congress discord on pawan bansal ashwani kumar

कांग्रेस में भी उठे पवन, अश्वनी की विदाई के सुर

Tue, 07 May 2013 10:04 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 07 May 2013 10:04 PM IST
विज्ञापन
congress discord on pawan bansal ashwani kumar

रेल मंत्री पवन बंसल और कानून मंत्री अश्वनी कुमार को नहीं हटाने का फैसला भले ही पीएम मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रजामंदी से हुआ हो, लेकिन दोनों को कैबिनेट में बनाए रखने पर मतभेद के सुर सुनाई पड़ने लगे हैं।

विज्ञापन


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कुछ शीर्ष मंत्री अनौपचारिक बातचीत में दोनों मंत्रियों को सरकार पर ‘बोझ’ मान रहे हैं। दोनों मंत्रियों को लेकर बन रही इस तरह की राय को इनकी कुर्सी पर मंडराते खतरे के और गहराने का संकेत माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान पर भी दोनों मंत्रियों की विदाई का भारी दबाव बन गया है।
विज्ञापन


कुमार की विदाई पर फैसला भले ही बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद तय होगा, उनके साथ बंसल को बाहर का दरवाजा दिखाने की पैरवी अब कांग्रेस के भीतर की जाने लगी है। पार्टी नेता फिलहाल खुलकर इन दोनों मंत्रियों को बचाने की रणनीति पर कुछ कहने से परहेज कर रहे हैं, मगर दबी जबान में सवाल जरूर उठा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस के एक वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री का कहना था कि सीबीआई के हलफनामे के बाद कोर्ट के रुख का इंतजार करने का कोई मतलब नहीं था।

पार्टी के एक नेता ने कहा कि दोनों मंत्रियों की वजह से संसद के अंदर और बाहर काफी फजीहत झेलनी पड़ रही है। भले ही पार्टी और सरकार जितनी भी दलीलें दें, मगर जनता सब समझती है। दोनों मंत्री उनकी पहली नजर में ही दोषी हैं।

एक केंद्रीय मंत्री ने तो यहां तक कहा कि दोनों मंत्रियों की कुर्सी बचना बेहद मुश्किल है। देर से ही सही पर इन्हें जाना पड़ेगा।

दरअसल, पार्टी और सरकार के ज्यादातर नुमाइंदों की औपचारिक बातों को देखे तो इस बात पर एक राय बनती दिख रही है कि दोनों मंत्रियों की वजह से सरकार की बहुत किरकिरी हो रही है और अब दोनों को बिना देर किए हटा दिया जाना चाहिए।


उधर, पवन बंसल के निजी सचिव का सीधा नाम आने से भी पार्टी के अंदर भौंहे तन गई हैं। इस घूस कांड की मनी ट्रेल कहीं न कहीं बसंल परिवार को लपेटे में ले रही है। इन सब बातों के सार्वजनिक होने के बाद शीर्ष स्तर पर माना जा रहा है कि बंसल को खुद इस्तीफा देने के लिए कह देना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed