'गुजरात के बाहर की स्वतंत्र एजेंसी करे मोदी के खिलाफ जांच'
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मतदान के दिन भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल को दिखाते हुए प्रेस कांफ्रेंस करने संबंधी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कांग्रेस ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ गुजरात के बाहर की किसी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
पार्टी के कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव केसी मित्तल ने इस मामले में गुजरात पुलिस की निष्पक्षता पर अविश्वास जाहिर करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि गुजरात पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करने के बदले इसे दबाने में जुटी है। ऐसे में या तो इस मामले की जांच गुजरात से बाहर की कोई एजेंसी करे या फिर खुद चुनाव आयोग इसकी जांच करे।
मित्तल ने लिखा है कि इस मामले में जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 130 के तहत मामला दर्ज न कर गुजरात पुलिस ने साफ कर दिया है कि उसकी निष्पक्ष जांच की कोई मंशा ही नहीं है। उल्लेखनीय है कि गुजरात में बीते 30 अप्रैल को मतदान के दिन मतदान केंद्र के कथित 150 मीटर के दायरे में प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी विवादों में घिर गए थे। चुनाव आयोग के निर्देश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
'गुजरात पुलिस जांच के नाम पर कर रही लीपापोती'
अमर उजाला से बातचीत करते हुए मित्तल ने कहा कि मोदी के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का पुख्ता सबूत होने के बाद भी गुजरात पुलिस जांच के नाम पर लीपापोती कर रही है। इसलिए उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि या तो वह स्वयं इस मामले की जांच करे अन्यथा इसकी जांच का जिम्मा गुजरात से बाहर किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को दे।
मित्तल ने कहा कि यह आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। सबने देखा है कि मोदी ने कानून को ताक पर रख कर मतदान केंद्र के बाहर प्रेस कांफ्रेंस की। फिर भी गुजरात पुलिस ने उनके खिलाफ जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 130 के तहत मामला दर्ज नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस इस मामले में आयोग के समक्ष मोदी को गिरफ्तार करने की भी मांग कर चुकी है।