'भाजपा को समर्थन के लिए NCP पर दबाव'
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भाजपा को समर्थन ऑफर करने पर कांग्रेस ने एनसीपी पर करारा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल पर जरूर कोई दूसरा दबाव है जिसकी वजह से उन्होंने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन का प्रस्ताव दिया है।
विधानसभा चुनाव परिणामों पर कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जो ट्रेंड चल रहा था, ये परिणाम भी उसी की एक कड़ी है। संदीप दीक्षित ने दोनों राज्यों में किसी तरह की सरकार विरोधी लहर से इनकार किया है। दीक्षित ने इसे भाजपा के प्रचार का असर करार दिया। दीक्षित ने कहा कि अगर हम साथ मिलकर लड़े होते तो भाजपा को हरा सकते थे लेकिन ऐसा नहीं होने के चलते परिणाम सबके सामने हैं।
दस साल तक साझा सरकार चलाने वाली दोनों पार्टियां इस चुनाव में अलग-अलग मैदान में उतरी थीं। कई दिनों की कश्मकश के बावजूद दोनों में सीटों की संख्या को लेकर कोई समझौता नहीं हो सका था और दोनों ही पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। दोनों पार्टियों के वोट बंटने से इन्हें खास नुकसान उठाना पड़ा और बीजेपी को इसका फायदा हुआ। कांग्रेस केवल 42 और एनसीपी 41 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।
एनसीपी ने किया था समर्थन का ऐलान
इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भाजपा को बाहर से समर्थन देने का ऐलान कर दिया। एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नतीजों को देखते हुए ये तय है कि अगली सरकार भाजपा ही बनाएगी।
उन्होंने कहा, 'पार्टी के सामने अब कोई विकल्प नहीं बचा है। जो सबसे बेहतर दिख रहा है, वही किया जाना ठीक है। इसलिए हम महाराष्ट्र के हित में भाजपा को बाहर से समर्थन देंगे।'
वहीं, महाराष्ट्र भाजपा इकाई के अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने कहा है कि एनसीपी के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एनसीपी के प्रस्ताव पर संसदीय बोर्ड की बैठक में चर्चा की जाएगी। महाराष्ट्र की 288 सीटों में से भाजपा गठबंधन को 123 सीटें मिली हैं। शिवसेना ने 63, एनसीपी ने 41 और कांग्रेस को 42 सीटें मिली हैं।