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'गरीबों' पर कांग्रेस ने मोदी को घेरा

Tue, 04 Feb 2014 12:15 AM IST
Updated Tue, 04 Feb 2014 12:15 AM IST
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congress criticized narendra modi over issue of poverty line

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी को अब गरीबी रेखा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की है। चुनाव से पहले कांग्रेस को पानी पी पीकर कोसने वाले नरेंद्र मोदी के खिलाफ पार्टी इस मुद्दे को किसी संजीवनी से कम नहीं मान रही है।

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गुजरात में गरीबी रेखा का पैमाना कथित तौर पर दस रुपये अस्सी पैसे किए जाने को लेकर नरेंद्र मोदी से पार्टी ने पूछा है कि गरीबी की परिभाषा को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और योजना आयोग का मजाक उड़ाने वाले मोदी अब देश के साथ कौन सा माखौल कर रहे हैं।

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सरकार नहीं चाहती कोई बयान देना

congress criticized narendra modi over issue of poverty line

वैसे केंद्र सरकार का रुख इस मसले पर कांग्रेस से बिल्कुल अलग देखने को मिला। भाजपा का आरोप है कि ये आंकड़े योजना आयोग के हैं। इसलिए केंद्र अभी जल्दबाजी में कोई बयान देने के मूड में नहीं है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम और सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने इस मसले पर बिना तथ्य देखे कोई बयान देने से इंकार कर दिया।

कांग्रेस बोली, माफी मांगें मोदी

congress criticized narendra modi over issue of poverty line

सोमवार को कांग्रेस ने इस मसले पर विशेष प्रेस कांफ्रेंस बुला डाली। कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने मांग की कि गरीबों का मजाक उड़ाने के लिए मोदी को माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुजरात के नागरिक आपूर्ति विभाग ने गरीबी रेखा की नई परिभाषा दी है, जिसमें दस रुपये अस्सी पैसे से कम आमदनी वाले परिवार को इसके दायरे में रखा गया है।

माकन ने कहा कि सात दिसंबर को मोदी ने रायपुर में नकली लालकिला बनाकर उसके सामने कहा था कि केंद्र सरकार ने तय गरीबी रेखा की परिभाषा को लेकर प्रधानमंत्री और योजना आयोग का उपहास उड़ाया है।

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'मोदी ने देश को गुमराह किया'

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माकन ने कहा कि मोदी ने देश को गुमराह किया है। मोदी से देश जानना चाहता है कि अगर 32 रुपये प्रतिदिन आमदनी वाले को गरीब मानना मजाक था तो दस रुपये अस्सी पैसे की रेखा कौन सा माखौल है।

उधर, वित्त मंत्री ने इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करने से परहेज करते हुए कहा कि जब किसी सरकारी कमेटी या सर्वेक्षण में इस तरह के आंकड़े आते हैं तो इसका इस्तेमाल किसी खास योजना में लोगों को फायदे पहुंचाने के लिए किया जाता है। ये आंकड़े कहीं से भी अमीरी और गरीबी का पैमाना नहीं है।

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