{"_id":"e56706c10e94bd39fb0ddc0ba28abc1f","slug":"congress-criticise-aap-minister-order","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हमें समझाना पड़ रहा है कानून मंत्री को’","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
‘हमें समझाना पड़ रहा है कानून मंत्री को’
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Jan 2014 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार के मंत्री आए दिन विवादों में घिरते जा रहे हैं।
विज्ञापन
समाज कल्याण मंत्री राखी बिडलान का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब कानून मंत्री सोमनाथ भारती की तरफ से न्यायाधीशों की बैठक बुलाने और प्रमुख सचिव (कानून) को फटकार लगाने का बम फूट पड़ा।
विधानसभा के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर खूब बयानबाजी हुई। हालांकि कानून मंत्री ने कहा कि वह प्रमुख सचिव (कानून) और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर इस बारे में बातचीत करेंगे।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी सरकार को समर्थन दे रही कांग्रेस के विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने इस मुद्दे पर जमकर शब्दों के बाण चलाए।
उन्होंने कहा, ‘उम्मीद की जाती है कि कानून मंत्री बताएंगे कि कानून के हिसाब से हम कैसे चलें। मगर, यहां तो उल्टा हो रहा है। जिस तरह की बात कानून मंत्री ने की है उससे नहीं लगता कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की है। कानून मंत्री को हमें समझाना पड़ रहा है कि भारतीय संविधान के तीन अंग हैं, तीनों स्वतंत्र हैं और एक दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते। यही वजह है कि न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा है। बड़े से बड़े व्यक्ति के खिलाफ भी आदेश पास किए जाते हैं।’
विज्ञापन
लवली ने यहां तक कहा, ‘आप सोच सकते हैं यह कैसा जन लोकपाल लाएंगे।’ भाजपा ने भी इस मुद्दे पर तीखे तेवर दिखाए।