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सुप्रीम कोर्ट की फटकार से कानून मंत्री की बढ़ीं मुश्किलें

Wed, 08 May 2013 09:16 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 08 May 2013 09:16 PM IST
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congress continues to parry question on ashwani fate

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कानून मंत्री अश्वनी कुमार ही नहीं बल्कि सरकार की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।

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कानून मंत्री पर इस्तीफे का दबाव और गहरा गया है तो सरकार और कांग्रेस हाईकमान के लिए अब अश्वनी कुमार को बचाना बेहद कठिन हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट की सीबीआई और कानून मंत्री पर 7 सख्त टिप्पणियां

सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद विपक्ष ने तत्काल अश्वनी की बर्खास्तगी की मांग कर अपना विरोध और तेज कर दिया है।

वहीं रेलवे प्रमोशन घूस कांड में लगातार घिरते जा रहे रेल मंत्री पवन बंसल को लेकर रोज रोज आ रहे नए खुलासों से भी कांग्रेस आलाकमान की दुश्वारियों में इजाफा होता जा रहा है। सो सरकार और पार्टी में इन दोनों को कैबिनेट से बाहर करने के रास्ते पर गंभीरता से विचार मंथन शुरू हो गया है।
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संकेत मिल रहे हैं कि दोनों मंत्रियों का इस्तीफा मांगने की बजाय कैबिनेट में संक्षिप्त फेरबदल की आड़ लेकर मुसीबत बने दोनों मंत्रियों की छुट्टी की जा सकती है।
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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों से सरकार और कांग्रेस के अंदर बेचैनी बढ़ गई। कानून मंत्री को हटाने या नहीं हटाने के सवाल पर कांग्रेस और सरकार दो खेमों में बंट गई।

एक खेमा कानून मंत्री को नहीं हटाने की पैरवी करने लगा है। इनका तर्क है कि अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने अपनी दलीलें दी है। यह कोर्ट का फैसला नहीं है। जब तक उसका फैसला नहीं आता। कानून मंत्री को हटाने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट की अगली सुनवाई दस जुलाई है। उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाए।


दूसरे खेमे का तर्क है कि इतने समय तक कानून मंत्री को मंत्रिमंडल में बरकरार रखने से सरकार और पार्टी को भारी फजीहत का सामना करना पड़ेगा। मंत्रिमंडल की छवि पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इन तर्क वितर्क के साथ पार्टी हाईकमान इस्तीफे को लेकर कोई फैसला नहीं कर सका है।

रेल मंत्री पवन बंसल के मामले में भी मीडिया में रोज खुलासे आ रहे हैं। घूस की रकम सीधे बंसल तक पहुंचाने की बात आ रही है।

दलालों की रेल मंत्री के भांजे से बंसल के सरकारी फोन पर बात करने का खुलासा भी सामने आया है। ऐसे में हाईकमान पर दबाव तो बन गया है। मगर तुरंत फैसला लेने से परहेज किया जा रहा है।

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