भाजपा को रोकने के लिए थर्ड फ्रंट को समर्थन देगी कांग्रेस!
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विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की दोबारा सरकार बनेगी। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस थर्ड फ्रंट को समर्थन दे भी सकती है और ले भी सकती है। किसी भी हाल में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी।
कायमगंज एवं फर्रुखाबाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी सलमान खुर्शीद ने कहा कि नरेंद्र मोदी भाजपा के लिए बड़ी समस्या हैं। मोदी ने ये तो कहा कि मां गंगा ने उन्हें बुलाया है लेकिन वे बनारस में जाकर मां का आशीर्वाद लेना ही भूल गए।
खुर्शीद ने यह भी कहा कि कांग्रेस को ‘भगवा लहर’ ने नहीं रोका तो अब मोदी लहर क्या रोकेगी। केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही घोषणापत्र में किए गए वादे पूरे होंगे।
सपा पर चुनाव में धांधली का आरोप
सलमान खुर्शीद ने कहा कि जीत हार जनता के हाथ में है, लेकिन इस बार चुनाव आयोग की तमाम तैयारी के बाद भी बूथों पर सुरक्षा का इंतजाम कमजोर रहा, जिसकी वजह से सपाइयों ने मनमानी की।
उन्होंने कहा कि अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के 10-15 बूथों में धांधली किए जाने की शिकायत उन्होंने चुनाव आयोग से की है।
उन्होंने कहा कि किसी की छोटी से भूल के लिए तो तत्काल मुकदमे दर्ज कराए गए। जबकि सपा प्रत्याशी के खिलाफ कहीं भी एक भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। ये अच्छा संदेश नहीं है।
'मोदी के पीएम बनने की संभावना काफी कम'
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी शुक्रवार को कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना काफी कम है और कांग्रेस तीसरे मोर्चा के साथ मिलकर अगली सरकार बनाएगी।
चव्हाण ने कहा कि उन्हें मोदी के पीएम बनने की संभावना नहीं दिख रही है। यहां तक कि अगर वह हमसे ज्यादा सीटें हासिल कर लेते हैं तब भी उन्हें क्षेत्रीय दलों का समर्थन नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि विकल्प के तौर पर कांग्रेस और तीसरा मोर्चा सरकार बना सकते हैं। कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की कोशिश करेगी।
चुनाव बाद क्या करेगी कांग्रेस, अभी से मंथन
लोकसभा चुनाव में मतदान के तीन चरण होने बाकी है लेकिन कांग्रेस में अभी से सीटों के आकलन के साथ ही चुनाव बाद की भूमिका को लेकर मंथन होने लगा है।
पार्टी को मिल रहे फीडबैक के अनुसार, उसकी सीटें भाजपा से कम रहेंगी। सीटों की संख्या कम होने की स्थिति में विपक्ष में बैठना है या फिर मोदी को रोकने के लिए जोड़ तोड़ कर सरकार बनानी चाहिए, इसको लेकर कांग्रेस के अंदर दो मत हैं।
पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी संख्या बल कम होने की स्थिति में जोड़ तोड़ कर सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं।
एनडीए को 210-220 सीट मिलने का अनुमान
पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि राहुल संगठन को मजबूत करने के लिए विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। जबकि मोदी का रथ रोकने की पैरवी करने वाले कई नेता जोड़ तोड़ की सरकार बनाने की पैरवी कर रहे हैं।
कांग्रेस के वार रूम में एनडीए को 210-220 सीट मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। पार्टी के दिग्गज मान रहे हैं कि एनडीए इतनी सीटों पर रुकता है तो मोदी के रहते अन्य दल उनके साथ आने में हिचकेंगे।
जोड़-तोड़ की बजाय विपक्ष में बैठने को तैयार राहुल
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस और बीजू जनता दल समेत कई क्षेत्रीय दल भाजपा के साथ आने से परहेज कर सकते हैं।
ऐसे में कांग्रेस दूसरे दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने का विकल्प तैयार कर सकता है। लेकिन इन दिग्गजों की उम्मीद पर पानी फिर सकता है क्योंकि पार्टी के अंदर कई नेता यह भी कह रहे हैं कि राहुल जोड़ तोड़ की सरकार बनाने के पक्ष में नहीं है।
राहुल ने अपने कुछ करीबी नेताओं को संकेत दिए हैं कि वे जोड़ तोड़ की बजाय विपक्ष में बैठने के लिए तैयार हैं। राहुल चुनाव बाद संगठन में बड़े फेरबदल करने के संकेत दे चुके हैं। पार्टी के एक नेता ने कहा कि राहुल का मानना है कि अगर जोड़ तोड़ की सरकार बनाने के चक्कर में रहेंगे तो संगठन को मजबूत नहीं कर पाएंगे।