नेता प्रतिपक्ष के लिए कोर्ट जा सकती है कांग्रेस
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद पाने के लिए कांग्रेस की ओर से जारी तमाम कोशिशों के बीच पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इससे जुड़े कानून में संशोधन होना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पद के लिए 55 सीटें चाहिए। इसलिए इस कानून में संशोधन की जरूरत है।
शनिवार को पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी अनौपचारिक तौर पर कानून में संशोधन की बात कही। शुक्रवार को पार्टी ने इस मामले में कोर्ट जाने का विकल्प खुला होने की बात की थी।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिलने की स्थिति में पार्टी संसद के दोनों सदनों में कई अध्यादेश और बिल पास कराने में सरकार का सहयोगी नहीं करेगी।
मोदी सरकार को राज्यसभा में बहुमत नहीं
गौरतलब है कि मोदी सरकार को राज्यसभा में बहुमत नहीं है और उसे हर बड़ा बिल पारित कराने के लिए कांग्रेस की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में कांग्रेस और सरकार के बीच खींचतान तेज होने के आसार है।
इन सबके बीच, शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस संबंध में लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मुलाकात की।
आजाद ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इसके आधार पर ही सीवीसी, लोकपाल, सीबीआई निदेशक के चयन में विपक्ष को जगह मिलती है।
कोर्ट जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी आगे की रणनीति के बारे में सोच रही है।
नेता प्रतिपक्ष के न्यूनतम आंकड़े से दूर है कांग्रेस
उधर, दिग्विजय सिंह के बयान पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि यह मुद्दा उनके कार्यक्षेत्र में नहीं, बल्कि लोकसभा स्पीकर के कार्यक्षेत्र में आता है।
लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन का कहना है कि वह बजट सत्र शुरू होने से पहले इस संबंध में फैसला कर लेंगी। उनका कहना है कि वह नियमों के मुताबिक फैसला करेंगी।
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकाजुन खड़गे ने बृहस्पतिवार को स्पीकर से मुलाकात कर सदन में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी और सबसे बड़े चुनाव पूर्व गठबंधन होने के आधार पर नेता प्रतिपक्ष का पद कांग्रेस को देने की गुजारिश की थी।
शनिवार को लोकसभा स्पीकर की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने इस संबंध में कोई मुद्दा नहीं उठाया। बैठक के बाद खड़गे ने कहा कि यह बैठक बजट सत्र को लेकर थी।
गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद के लिए विपक्षी पार्टी के पास लोकसभा में कुल सांसदों की संख्या के दस फीसदी सांसद होने चाहिए। मौजूदा लोकसभा में कांग्रेस के पास 44 सांसद हैं और वह 55 सीटों का न्यूनतम आंकड़े को नहीं छू पा रही है।