कांग्रेस के कैबिनेट मंत्रियों का भी अनुमान, अबकी बार मोदी सरकार
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कांग्रेस और यूपीए सरकार के सिपहसलार भले ही सामने से कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला। मगर मनमोहन सरकार की कैबिनेट के कई कांग्रेसी मंत्री पर्दे के पीछे अब मान रहे हैं कि नरेंद्र मोदी आसानी से और स्थिर सरकार बनाने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ये प्रमुख सिपहसलार एनडीए को 250 सीटें दे रहे हैं। मोदी की आसानी से सरकार बनाने और कांग्रेस के पिछड़ने के पीछे मंत्रियों का अपना तर्क है।
पार्टी के कई नेता मान रहे हैं कि एक तरफ जहां भाजपा नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चुनावी जंग लड़ रही थी।
राहुल को उम्मीदवार न बनाना बड़ी भूल
वहीं कांग्रेस नेतृत्वविहीन दिख रही थी। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार न बनाने के फैसले को कई कैबिनेट मंत्री बड़ी भूल मान रहे हैं।
पार्टी के नेताओं का मानना है कि भाजपा पर व्यक्तिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर मोदी को बैकफुट पर धकेलने की कांग्रेस की मुहिम को लोगों ने नकार दिया।
महंगाई, भ्रष्टाचार को लेकर यूपीए सरकार की बदनामी और प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर भी कई कैबिनेट मंत्री कांग्रेस के पिछड़ने को लेकर अहम वजह मान रहे हैं।
मनमोहन की चुप्पी ने खड़ी कीं परेशानियां
लोकसभा चुनाव में पूरे प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस ‘मैं नहीं, हम’ के नारे के साथ आगे बढ़ी। मगर सरकार के शीर्ष स्तर पर माना जा रहा है कि लोगों ने कांग्रेस के इस प्रचार अभियान को नकार दिया।
उत्तर प्रदेश कोटे से एक केंद्रीय मंत्री का कहना है कि राहुल को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं करने से संदेश गया कि वह इस जिम्मेदारी को लेने से बच रहे हैं।
यूपी कोटे के कई कैबिनेट मंत्रियों ने अनौपचारिक चर्चा में माना कि महंगाई को काबू करने में यूपीए सरकार की नाकामी भी लोगों के गुस्से का बड़ा कारण बनी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बड़े मुद्दों पर चुप्पी और सरकार के रिमोट कंट्रोल की कमान सोनिया गांधी के हाथों में होने का भाजपा के प्रचार अभियान का लोगों पर असर हुआ।
और दूसरी तरफ बन रहा है कांग्रेस का प्लान बी
कांग्रेस का एक तबका अपने अनुमान के हिसाब से पार्टी का प्लान बी तैयार कर रहे हैं। इस प्लान के मुताबिक एनडीए को अगर 200 से कम सीटें मिलती हैं, तो कांग्रेस वैकल्पिक सरकार बनाने की दिशा में काम कर सकती है।
पार्टी के शीर्ष स्तर पर मानना है कि वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का कम से कम से 130 तक सीटें लाना जरूरी है। उसी स्थिति में पार्टी वैकल्पिक सरकार बना सकती है।
अभी तक कम सीटें आने की स्थिति में कांग्रेस के विपक्ष बैठने के विकल्प का प्राथमिकता देने की बात मानी जा रही थी। मगर पार्टी का एक तबका एनडीए के 200 सीटों से कम आने की स्थिति में प्लान बी पर आगे बढ़ने की वकालत कर रहा है।