कांग्रेस बोली, एड एजेंसी के कारण्ा हारे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव में धराशायी हो चुकी कांग्रेस ये तय नहीं कर पा रही है कि हार का ठीकरा किसके सिर फोड़ा जाए?
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का नतीजा सिफर रहा है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आश्रित नेताओं को विकल्प भी नहीं दिख रहा है।
वे ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि सोनिया और राहुल हटे तो नया नेता कौन होगा? ऐसे में कांग्रेस नेताओं ने हार का ठीकरा जापानी एड एजेंसी डेंट्सु पर फोड़ दिया है। कांग्रेस नेताओं ने हार के लिए डेंट्सु को जिम्मेदार ठहराया है।
भाजपा के प्रचार के आगे ढेर हो गई डेंट्सु
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी डेंट्सु के ही पास थी। कांग्रेस ने राहुल गांधी के 'मेकओवर' के लिए कंपनी को 600 करोड़ रुपए दिए थे। लेकिन भाजपा के प्रचार के आगे डेंट्सु की रणनीति ढेर हो गई।
नरेंद्र मोदी की आक्रामक शैली के बरअक्स डेंट्सु ने राहुल गांधी को सबको साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप मे स्थापित करने की कोशिश की थी। कांग्रेस की कैंपेन के दो अहम नारे थे। पहला नारा था- मैं नहीं, हम। और दूसरा नारा था- हार हाथ शक्ति, हर हाथ तरक्की।
भाजपा के प्रचार की जिम्मेदारी पीयूष पांडेय, प्रसून जोशी और सैम बलसारा ने संभाली थी।
डेंट्सु के प्रवक्ता ने आरोपों को खारिज किया
डेंट्सु पर एक कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के हार की जिम्मेदारी डेंट्सु पर भी है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने दूसरी एजेंसियों से मिलीभगत का कांग्रेस से अधिक कीमत भी वसूल ली।
हालांकि डेंट्सु इंडिया के प्रवक्ता ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। प्रवक्ता ने कहा, कांग्रेस के साथ वित्तीय मसलों पर पारदर्शी तरीके से बातचीत की गई थी। कांग्रेस के प्रचार के लिए एक और एजेंसी को जिम्मा दिया था।
कांग्रेस के एक अन्य नेता ने बताया कि डेंट्सू इंडिया के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन रोहित ओहरी की कांग्रेस नेता अजय माकन के साथ बहस भी हुई थी, जिसके बाद कंपनी के लोगों को मीडिया से बातचीत करने पर रोक लगा दी गई थी।
कांग्रेस ने मात्र 44 सीटें पाई
लोकसभा चुनाव में 600 करोड़ खर्च करने के बाद कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी पराजय हुई है। कांग्रेस ने मात्र 44 सीटें पाई, जबकि भाजपा 30 साल बाद अपने दम पर बहुमत पाने वाली देश की पहली पार्टी बन गई है।
भाजापा ने लोकसभा चुनाव में कैंपेन के लिए रैलियों और जनसभाओं के अलावा, मीडया और सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल किया।
नरेद्र मोदी की टीम ने प्रचार के लिए कई रणनीतियां बनाई, जिसमें सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का निर्माण अभियान समेत मिशन 272 प्लस तक शामिल था।