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‘जयंती टैक्स’ बयान पर मोदी को चुनौती

Tue, 14 Jan 2014 11:23 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 14 Jan 2014 11:23 AM IST
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congress bjp in bitter spat over jayanthi tax barb of modi

पूर्व पर्यावरण मंत्री और कांग्रेस नेता जयंती नटराजन पर ‘जयंती टैक्स’ के बयान पर कांग्रेस और भाजपा में घमासान छिड़ गया है।

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कांग्रेस ने भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को इस मामले में सबूत पेश करने की चुनौती देने के साथ ही माफी मांगने को कहा है। तो मोदी के समर्थन में उतरी भाजपा ने पूछा है कि सबसे पहले कांग्रेस बताए कि उन्हें कैबिनेट से क्यों हटाया गया।

पिछले दिनों जयंती नटराजन ने पर्यावरण मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने परोक्ष रूप से जयंती नटराजन पर पर्यावरण मंत्री पद पर रहते हुए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
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मोदी ने कहा था कि पर्यावरण मंत्रालय में बिना पैसे के कोई फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी। वहां ‘जयंती टैक्स’ वसूला जा रहा था।

मोदी के इस बयान के बाद कांग्रेस भी आक्रामक हो गई है। कांग्रेस प्रवक्ता राज बब्बर ने कहा कि मोदी सबसे पहले बताएं कि गुजरात में अपनी सरकार में उन्होंने अदालत से दंडित बाबू भाई भोकरिया और घोटाले के आरोपी पुरुषोत्तम दास को मंत्री बना कर क्यों रखा है? उन्होंने उनसे कितना टैक्स लिया है? इसका खुलासा होना चाहिए।
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पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि जयंती नटराजन ने मोदी के एक महिला के जासूसी मामले पर आवाज बुलंद की थी। इसलिए मोदी उनके खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं।

उधर, पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मोदी केवल दुर्व्यवहार करना जानते हैं। लेकिन अपना विजन नहीं रखते। आरोपों को खारिज करते हुए जयंती नटराजन ने कहा है कि यह निशाना बनाकर किया गया निजी हमला है।

नटराजन ने कहा कि गुजरात में बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने पर्यावरण के विनाश का विरोध किया था।

वहीं भाजपा ने मोदी का बचाव करते हुए कहा कि पूर्व पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन पर्यावरण संरक्षण और उद्योगों के विकास के बीच संतुलन बनाने में नाकामयाब रही।

भाजपा प्रवक्ता सीतारमन ने कहा कि जिस तरह से बड़े पैमाने पर निवेश की परियोजनाओं को मंजूरी नहीं मिल रही थी। उसे देखकर साफ लगता है कि कहीं न कहीं निजी हित की बात थी।


उन्होंने कहा कि भाजपा के पास बताने के लिए कई कारण हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में जयंती को हटाया गया। मगर केंद्र सरकार और कांग्रेस ने आज तक नहीं बताया कि आखिर किस वजह से उन्हें हटाना पड़ा।

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