नेता विपक्ष पद पाने के लिए कांग्रेस का आखिरी दांव
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लोकसभा में नेता विपक्ष का पद कांग्रेस को नहीं देने के सरकार के संकेतों के बीच कांग्रेस ने इसको हासिल करने के लिए आखिरी दांव खेला है।
बृहस्पतिवार को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस और यूपीए के घटक दलों के नेताओं ने लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से मुलाकात की है।
हालांकि बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने लोकसभा स्पीकर से नेता विपक्ष का पद देने की मांग की है। मगर माना जा रहा है कि कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर पर ये पद देने का दबाव बनाया है।
नियमों के हिसाब से काम करुंगी काम: स्पीकर
वहीं लोकसभा स्पीकर ने कहा है कि वह नियमों के हिसाब से विचार करेंगी। संसद का बजट सत्र सात जुलाई को शुरू होने वाला है। माना जा रहा है कि इससे पहले लोकसभा स्पीकर इस मुद्दे पर अपनी व्यवस्था दे सकती हैं। वहीं सरकार अभी तक संकेत दे रही है कि वे किसी भी पार्टी के सदस्य को लोकसभा में विपक्ष का नेता का दर्जा देने के लिए राजी नहीं है।
सरकार का तर्क है कि जब जनता ने किसी भी पार्टी को प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा देने के लायक नहीं समझा तो वे आखिर क्यों ये दर्जा दें। उधर कांग्रेस का तर्क है कि लोकसभा में सत्तारूढ़ दल के बाद जिस दल का सबसे ज्यादा संख्या बल होता है। उसी दल के सदस्य को विपक्ष का नेता का दर्जा मिलता है। लोकसभा में कांग्रेस के 44 सांसद हैं। जबकि यूपीए के घटक दलों की संख्या मिलाकर कुल संख्या बल 59 सांसद की है।
कांग्रेस लोकसभा स्पीकर पर इस संबंध में दबाव बना रही है। हालांकि लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद खड़गे ने कहा कि उन्होंने ऐसी कोई मांग नहीं की है। पार्टी इस मुद्दे पर आगे क्या रणनीति अपनाएगी, इस संबंध में आगे चर्चा कर फैसला लिया जाएगा।