मोदी को फिर कहा 'मौत का सौदागर'
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नमो-नमो के आक्रामक प्रचार अभियान पर हमला बोलने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी को मौत का सौदागर बताया है। मोदी के ताबड़तोड़ प्रचार अभियान को देखते हुए कांग्रेस ने भी आक्रामक रुख अपना लिया है।
मगर पार्टी कई ऐसे निशाने फिर दागने में जुट गई है जो कि उल्टा पार्टी को पहले नुकसान पहुंचा चुके हैं। सोनिया गांधी ने 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी को मौत का सौदागर बताया था।
माना जाता है कि सोनिया के बयान की कीमत पार्टी को तब चुनाव में हार के तौर पर चुकानी पड़ी थी। अब लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी ने दुबारा कहा है कि गोधरा और गुजरात दंगों के लिए मोदी ही जिम्मेदार हैं। उन्हें मौत का सौदागर नहीं कहें तो क्या कहें।
'मोदी नहीं देते किसानों को उनका हक'
कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि मोदी अगर खुद अपने दिल पर हाथ रखकर पूछेंगे तो यही आवाज आएगी कि गोधरा कांड में राम के सेवक हों या फिर गुजरात दंगों में रहीम के लोगों की मौत। इसके लिए वह (मोदी) ही जिम्मेदार हैं। इसलिए उन्हें मौत का सौदागर नहीं तो क्या कहा जाए।
बताया जाता है कि 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव में सोनिया का यह चर्चित भाषण मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लिखा था। पार्टी के आधिकारिक मंच से दिए गए गोहिल के इस बयान को लेकर कांग्रेस को सफाई देनी पड़ सकती है। इसके अलावा शुक्रवार को ही पार्टी ने मोदी पर गुजरात के किसानों को उनकी मेहनत का हक नहीं दिलाने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि मोदी दावा करते हैं कि प्रदेश में किसानों को 24 घंटे बिजली दी जाती है जो गलत है। किसानों को सिर्फ आठ घंटे बिजली मिलती है।
गोहिल ने कहा कि गुजरात ही देश का ऐसा राज्य है जहां किसानों को आत्महत्या करने पर राज्य सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिलता। गोहिल ने कहा कि अमूल मक्खन के लिए भी मोदी खुद को श्रेय देते हैं। वह कहते हैं कि दिल्ली के लोग जो मक्खन खाते है, वह उसे भेजते हैं। गोहिल कहते है कि अमूल के बोर्ड के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस के नेता हैं और इसका श्रेय खुद मोदी लेते हैं।