मोदी की पत्नी न हुई, सियासत का नया हथियार हो गई...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर पहली बार सीधा व्यक्तिगत हमला बोला है। उन्होंने मोदी पर कई साल में पहली बार चुनाव आयोग के समक्ष दाखिल हलफनामे में अपनी पत्नी का नाम लिखने पर हमला किया।
चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने भाजपा के महिला को सशक्त बनाने से जुड़े अभियान की हवा निकालने की कोशिश की। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा और मोदी मीडिया के अलावा जो देश तक संदेश पहुंचा रही है, उसमें और हकीकत में बहुत बड़ा फर्क है।
उन्होंने कहा, "मैं नहीं जानता कि उन्होंने (मोदी) कितने चुनाव लड़े हैं। लेकिन यह पहली बार है कि उन्होंने खुद को शादीशुदा बताया है। दिल्ली में कुछ लोग पोस्टर लगाकर दावा करते हैं कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिरण उनके लिए सर्वोपरि है। लेकिन यह सम्मान करते हैं वो लोग।"
'फोन टैप होता है मोदी के राज में'
राहुल गांधी ने गुजरात में एक महिला की फोन टैपिंग का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य की पुलिस और प्रशासन का दम एक महिला का पीछा करने पर लगा रहा। आधिकारिक पदों और संसाधनों का दुरुपयोग कर महिला की निजता का उल्लंघन किया गया।
उन्होंने कहा, "मैं उनसे जानना चाहता हूं कि यह किस तरह का महिला सशक्तिकरण है।" उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं, यह देखकर शर्म आती है।
राहुल ने कहा, "इन्हें लगता है कि एक नरेंद्र मोदी सब कुछ जानता है। लेकिन हकीकत कुछ और है। ये लोग बांटने की राजनीति करते हैं। मेरा और आपका दिल का रिश्ता है। आपके इस प्यार के अलावा मेरे पास कुछ और नहीं है।"
दिग्गी ने कहा, दोबारा शादी करूंगा तो बताऊंगा
कांग्रेस के ये हमले राहुल गांधी तक सीमित नहीं रहे। गुरुवार को नरेंद्र मोदी के हलफनामे पर टिप्पणी करते हुए पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा था कि उन्हें इस बात की खुशी है कि मोदी ने सच कबूला है, लेकिन वो यह जरूर बताएं कि अब तक यह बात छिपाकर क्यों रखी थी?
आज वो एक कदम और आगे बढ़े। इसी मामले पर नया हमला करते हुए दिग्विजय ने कहा कि मोदी की पत्नी का मामला उठाने के बाद उन पर हमले शुरू हो गए हैं और इसकी आशंका उन्हें पहले से थी।
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर उन्होंने लिखा, "मैं विधुर हूं और अगर मैंने दोबारा शादी करने का फैसला किया, तो आपके प्रिय फेंकू की तरह यह बात में कभी छिपाऊंगा नहीं।"
भाजपा भी मोदी के बचाव में उतरी
इस पूरे घटनाक्रम से उभरने की कोशिश में जुटी भाजपा ने बैकफुट की बजाय आक्रामक अंदाज अपनाने की कोशिश की। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने कहा, "मोदीजी ने कुछ गलत नहीं किया।"
उन्होंने कहा, "मैं राहुल से आग्रह करूंगी कि वो उनका हलफनामा पढ़ लें और पहले दिए गए पर्चों पर भी निगाह डालें। उन्हें समझ आ जाएगा। वो कम जानकारी के आधार पर बिना सोचे-समझे बयान दे रहे हैं।"
निर्मला ने कहा, "राहुल गांधी को संभलकर बोलना चाहिए। क्योंकि खुद उनसे जुड़ी जानकारी सवालिया घेरे में है। उनकी शैक्षणिक योग्यता पर प्रश्नचिन्ह है। और दूसरी चीजों पर भी वो फंस सकते हैं।"
नेहरू, राजीव तक जाएगी बातः भाजपा
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी चेताया है कि अगर कांग्रेस निजी हमलों पर उतर आएगी, तो भाजपा को भी कुछ ऐसा ही करना होगा। उन्होंने कहा, "अगर निजी हमले किए जाएंगे, तो बात दूर तलक जाएगी। जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक।"
यह सारा मामला नरेंद्र मोदी के वडोदरा से पर्चा भरने के बाद शुरू हुआ। इस नामांकन में उन्होंने अपनी पत्नी का नाम जसोदाबेन बताया है। इससे पहले मोदी ने जितनी बार नामांकन भरा, यह महिला के नाम वाली जगह कभी कुछ नहीं लिखा।
जाहिर है, कांग्रेस को बैठे-बैठाए हमला बोलने का मौका मिल गया, लेकिन भाजपा को भी जवाबी हमला बोलने की तैयारी करनी पड़ी है। कांग्रेस की तरफ से दिग्विजय सिंह सबसे मुखर है।
चार धाम यात्रा पर निकली मोदी की पत्नी
नरेंद्र मोदी की पत्नी जसोदाबेन एक रिटायर टीचर हैं। फरवरी में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि मोदी से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और वो चाहती हैं कि गुजरात के मुख्यमंत्री एक दिन प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे।
नामांकन दाखिल करने के बाद मीडिया इन दिनों जसोदाबेन की खोज में जुटी है, लेकिन नई खबर मिली है कि वो 40 अन्य साथियों के साथ चार धाम की यात्रा पर निकली हुई हैं। साथ ही मोदी को पीएम बनाने के लिए व्रत भी रखे हुए हैं।
अब देखना है कि यह मामला कहां तक जाता है। चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में छोटी सी बात से लेकर बड़े मुद्दे तक, हर बात लपकी जा रही है। जाहिर है, हथियार छोटा हो या बड़ा, हमला बोलने में सब काम आते हैं।