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चिट्ठी पर 'आप' को कांग्रेस की नसीहत

Sun, 15 Dec 2013 08:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 15 Dec 2013 08:52 AM IST
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congress answer to arvind kejriwal questions

सरकार बनाने के लिए समर्थन लेने के लिए आम आदमी पार्टी की शर्तों पर प्रदेश कांग्रेस ने करारा हमला बोला है।

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पार्टी के पूर्व मंत्रियों ने शनिवार को कहा कि ‘आप’ अपनी जिम्मेदारी से बच रही है। वह सरकार नहीं बनाना चाहती इसलिए टाल-मटोल कर रही है। शर्तों का समर्थन से लेना देना नहीं है। प्रशासनिक फैसलों के लिए इसकी जरूरत नहीं होती है।

आम आदमी पार्टी की तरफ से सरकार बनाने और नहीं बनाने को लेकर अपना तर्क और शर्त पेश करने के बाद कांग्रेस का पक्ष रखने के लिए शनिवार को प्रदेश के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली व हारुन यूसुफ मीडिया से रूबरू हुए।
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लवली ने मीडिया को बताया कि ‘आप’ सरकार बनाना ही नहीं चाह रही है। दरअसल उन्हें यह डर सता रहा है कि दिल्ली के लोगों ने जिस वादें को सच मानकर उन्हें मैनडेट दिया है उसे पार्टी पूरा नहीं कर पाएगी। जहां तक सरकार गिराने की बात वे कर रहे है तो उन्हें यह जानने की आवश्यकता है जब बाहर से कोई पार्टी समर्थन दे देती है और सरकार का गठन हो जाता है तो छह महीने के भीतर सरकार नहीं गिर सकती है।
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उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार छह महीना के भीतर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि कई वादें ऐसे उन्होंने किए है जिसे छह महीना के भीतर पूरा किया जा सकता है। जहां तक पानी की आपूर्ति की बात है तो मुख्यमंत्री जलबोर्ड का चेयरमैन होता है।

उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार समर्थ है तो इस काम को अंजाम दे। उन्होंने कहा कि सरकार के कैबिनेट को यह शक्ति होती है कि वे किसी भी एजेंसी पर जांच बिठाए। इसके लिए विधायक से सलाह की जरूरत नहीं होती है।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री हारुन यूसुफ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी जांच से पीछे नहीं हटती है।

आम आदमी पार्टी लोकतंत्र का मजाक कर रही है। जब उन्हें बाहर से समर्थन दिया जा रहा है तो वह सरकार बनाने के लिए राजी नहीं है। उल्टा समर्थन देने वाली पार्टी पर शर्त थोप रही है। दरअसल, आम पार्टी से यह अंदाजा लगा गया है कि वह अपने वादों पर खरा नहीं उतर पाएगी। सिर्फ चुनाव जीतने के लिए बड़े-बड़े वादे कर जनता को गुमराह किया है इस पार्टी ने।

आप को नसीहत देते दिखें दोनों मंत्री

कांग्रेस पार्टी के दोनों पूर्व मंत्री आम आदमी पार्टी को नसीहत भी देते दिखें। उन्होंने कहा कि आप पार्टी को ज्ञान की कमी है। विधायक और प्रशासनिक काम का उन्हें अंदाजा नहीं है।

उन्होंने कहा कि पानी, बिजली, जांच समेत कई मुद्दे कैबिनेट के पास होता है। इसके लिए विधायकों की राय आवश्यक नहीं होती है। हालांकि सकारात्मक समर्थन देने की बात दोनों मंत्रियों ने एक बार फिर दोहराई।


पत्र लिखने को हास्यास्पद बताया
कांग्रेस पार्टी के दोनों पूर्व मंत्री आम आदमी पार्टी के पत्र को हास्यास्पद बताया। सोनिया गांधी और राजनाथ सिंह के नाम पत्र लिखे जाने पर चुटकी लेते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी कुछ दिनों बाद दिल्ली की परेशानी दूर करने के लिए अमेरिका से राय मांगेगी। यूएनओ भी जा सकती है।

उनका कहना था कि यह भी संभव है कि दिल्ली के विकास के लिए बजट की व्यवस्था करने को भी कह दिया जाए। इसके लिए भी कांग्रेस पार्टी को पत्र वे लिख सकते है।

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