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यूपी में मुलायम से हाथ नहीं मिलाएगी कांग्रेस

Sun, 31 Aug 2014 09:22 AM IST
Updated Sun, 31 Aug 2014 09:22 AM IST
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Congress and sp does not come together in up.

उत्तर प्रदेश में भले ही कांग्रेस अभी अपने पांव पर खड़े रहने की स्थिति में न हो, मगर पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी किसी दूसरी पार्टी से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया है। राहुल इस मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय आगामी विधानसभा की राजनीतिक परिस्थितियों को भांप रहे हैं।

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दरअसल, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने पिछले दिनों राहुल को बिहार में लालू और नीतिश के महागठबंधन की तर्ज पर उत्तर प्रदेश के उपचुनावों में सपा के साथ गठबंधन की सलाह दी थी।
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इन नेताओं ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को यहां तक कहा था कि उनकी सपा के शीर्ष नेतृत्व से बात हुई है और वहां से सकारात्मक संकेत मिले हैं। इसलिए बात को आगे बढ़ाया जा सकता है। मगर राहुल ने फिलहाल इनकार कर दिया।
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उत्तर प्रदेश में अगले महीने दस विधानसभा और लोकसभा की एक सीट पर उपचुनाव होंगे। प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता अनौपचारिक बातचीत में मानते हैं कि उपचुनाव में कांग्रेस की हालत पतली है। कांग्रेस हाईकमान को भी इस बात की रिपोर्ट दी गई है।

सपा भी थी रजामंद

Congress and sp does not come together in up.

इन स्थितियों को देखते हुए पार्टी के एक राष्ट्रीय महासचिव समेत कुछ नेताओं ने हाईकमान तक सपा से सीटों के तालमेल करने की बात पहुंचाई।

पहले इन नेताओं ने उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव मधुसूदन मिस्त्री के जरिए इस संबंध में प्रस्ताव को सोनिया और राहुल तक पहुंचाने की कोशिश की।

मगर मिस्त्री से सकारात्मक संदेश नहीं मिलने के चलते इन नेताओं ने सीधे पार्टी उपाध्यक्ष तक बात पहुंचाई। सूत्रों ने बताया कि राहुल ने इन नेताओं को कहा कि उपचुनाव में गठबंधन करना जल्दबाजी होगी। पार्टी को खुद से चुनाव लड़ना चाहिए।

हालांकि राहुल ने विधानसभा चुनाव में सपा के साथ तालमेल करने को लेकर विकल्प खुला रखा है। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी उस वक्त की राजनीतिक परिस्थितियों के मुताबिक ही फैसला लेगी।

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