मानसून सत्रः भाजपा-कांग्रेस मुकाबले को तैयार
संसद का मानसून सत्र सरकार और विपक्ष के ‘मुकाबले’ के लिए तैयार है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि अगर सरकार इस सत्र में कामकाज चाहती है तो कम से कम विवाद में फंसे वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान को हटाना होगा। अन्य विपक्षी दलों को साथ लेने के लिए कांग्रेस ने सुषमा का इस्तीफा नहीं मांगा है।
वहीं भाजपा ने विपक्ष के हमले से बचने और पलटवार के लिए अपने तरकश में तीर जमा करने शुरू कर दिए हैं। इस क्रम में रविवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के यहां हुई उच्चस्तरीय बैठक में आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद के सवाल पर उलझी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुधरा राजे से विपक्ष केआरोपों की काट के लिए तथ्य और दस्तावेज मांगे गए।
इस बैठक में शिरकत करने से चूके मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देर शाम शाह से मुलाकात कर व्यापम घोटाले पर अपने बचाव में दस्तावेज
उपलब्ध कराए।
मोटी चमड़ी की सरकार
कांग्रेस ने शिवराज सिंह चौहान और ललित मोदी प्रकरण में निशाने पर आईं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को हटाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने मोदी सरकार को मोटी चमड़ी की सरकार बताते हुए कहा कि शिवराज और वसुंधरा के इस्तीफे से संसद का चलना आसान हो जाएगा। हमें 48 घंटे में भ्रष्टाचार के आरोपी मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों का इस्तीफा चाहिए। इनके खिलाफ पुख्ता सबूत है, मगर सरकार इनके बचाव में बचकाने तर्क दे रही है।
सरकार जान ले कि इनके इस्तीफे के बिना बात नहीं बनने वाली। पार्टी ने सधी रणनीति के तहत ललित मोदी प्रकरण में घिरी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का इस्तीफा नहीं मांगा है। दरअसल, सुषमा को विपक्ष के कई दल के नेताओं का समर्थन हासिल है।
ऐसे में कांग्रेस नहीं चाहती कि सरकार को घेरने के मामले में विपक्ष बंटा नजर आए। हालांकि चौतरफा घिरी सरकार का रुख फिलहाल हमलावर है, मगर उसकी मुश्किल यह है कि राज्यसभा में जीएसटी बिल को कानूनी जामा पहनाने की चाबी विपक्ष के पास है।
सरकार भूमि बिल पर कदम पीछे खींचने के लिए तैयार है, मगर किसी भी तरह जीएसटी बिल का बेड़ा पार लगाना चाहती है।