क्या कांग्रेस से पीछा छुड़ाना चाहती है 'आप'?
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को कांग्रेस का समर्थन सत्ता के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस समर्थन से राजनीतिक नफा नुकसान के आकलन में जुटी कांग्रेस का मानना है कि आप ऐसे हालात पैदा करने की कोशिश में हैं जिससे पार्टी को समर्थन वापस लेने पर मजबूर होना पड़े।
कांग्रेस के मुताबिक आप के रणनीतिकार कांग्रेस से पीछा छुड़ा कर अपने को शहीद की इमेज देने की योजना पर काम कर रहे हैं, ताकि आम चुनाव में उन्हें इसका फायदा मिल सके।
कांग्रेस से समर्थन किसी ने नहीं मांगा
उधर, आप का कहना है कि पार्टी ने कांग्रेस से कभी भी समर्थन नहीं मांगा था। सरकार बनाने के बाद आप अपने एजेंडों पर काम कर रही है।
इस मुद्दे पर अमर उजाला की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में आप के प्रवक्ता दिलीप पांडे ने कहा कि सिस्टम ठीक करने के लिए आप अपना काम करती रहेगी। कांग्रेस जब चाहे अपना समर्थन वापस ले सकती है।
लेकिन आम चुनाव में लंबी छलांग मारने की योजना पर काम कर रहे आप के रणनीतिकार अंदरखाने इस बात से चिंतित हैं कि केजरीवाल के बतौर मुख्यमंत्री धरने के बाद लोग पार्टी की नीयत पर सवाल खड़े करने लगे हैं।
इस संभावना पर भी विचार किया जा रहा है कि अगर कांग्रेस समर्थन वापस ले लेती है तो पार्टी को एक नई इमेज दी जा सकती है।
जल्द आएगा 'आप' का असली चेहरा
कांग्रेस महासचिव अजय माकन के मुताबिक आप जितने दिनों तक सरकार में रहेगी उसका असली चेहरा सामने आ जाएगा। लिहाजा कांग्रेस का आप से समर्थन वापस लेने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है।
कांग्रेस के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने जिस दिन समर्थन की चिट्ठी केजरीवाल को सौंपी थी उसी दिन आप ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ कुमार विश्वास को खड़ा करने का ऐलान कर दिया।
कांग्रेस को उसी दिन यह बात समझ में आ गयी थी कि आप ऐसे सभी हथकंडे अपनाएगी जिससे कांग्रेस समर्थन वापस ले ले।
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते बोलते केजरीवाल कॉमनवेल्थ गेम और जल बोर्ड घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर का आखिरी हथकंडा भी इस्तेमाल करेंगे।