कांग्रेस-AAP में तकरार, गिर सकती सरकार
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आम जनता को राहत देने वाले कदमों के दावों-वादों और हर दिन खड़े हो रहे विवादों के बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अब नए बवाल की ओर बढ़ती दिख रही है।
अब तक इशारों-इशारों में अरविंद केजरीवाल सरकार पर हमले बोलने वाली सहयोगी पार्टी कांग्रेस खुलकर उसके विरोध में सामने आ गई है। कांग्रेस का कहना है जिस तरह कैबिनेट ने जन लोकपाल बिल पास कर दिया, वह गैरकानूनी है।
आम आदमी पार्टी के लिए केवल यही बुरी खबर नहीं है। एक खबर बुधवार सवेरे यह भी है कि उसकी सरकार पर आए दिन हमला बोलने वाले पार्टी से निष्कासित विनोद कुमार बिन्नी ने सरकार से समर्थन वापस लेने का मन बना लिया है।
केजरी के स्टाइल से कांग्रेस खफा
आम आदमी पार्टी के लोकपाल बिल को कानूनी रूप मिलने की संभावना पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने जिस तरीके से ड्राफ्ट को स्वीकृति दी है, उसे लेकर सरकार की सहयोगी पार्टी कांग्रेस विरोध में है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह व विधायक दल के नेता हारून यूसुफ ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कांग्रेस विधायक दल ने फैसला किया है कि कैबिनेट से पास बिल असंवैधानिक है।
उन्होंने कहा, "हम भ्रष्टाचार पर रोक लगाने वाले लोकपाल के खिलाफ नहीं हैं बल्कि जिस तरह से बिल को कैबिनेट से स्वीकृति दिलाई गई है, वह तरीका गैरकानूनी और असंवैधानिक है।"
पेश नहीं होने दिया जाएगा बिलः कांग्रेस
अरविंदर सिंह लवली का कहना है कि इसे समर्थन देना तो दूर विधानसभा में पेश भी नहीं होने देंगे। हमारे समर्थन का मतलब यह कतई नहीं है कि ये असंवैधानिक काम करेंगे। इस संबंध में वे उपराज्यपाल से मिलकर ज्ञापन भी सौंपेंगे।
अरविंदर ने यहां तक कहा है कि अगर बिल पेश हुआ तो विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी कांग्रेस ला सकती है। यह भी साफ किया है कि कांग्रेस चाहे तो सरकार आधे घंटे में गिरा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं करेगी। क्योंकि केजरीवाल जानबूझकर इस समर्थन वापसी के लिए उकसाने वाले कार्य कर रहे हैं।
लवली ने साधा निशाना
दिल्ली सरकार के गठन की धाराओं में साफ किया गया है कि विधानसभा कार्यवाही संचालन के लिए नियम बनेंगे। विधानसभा कार्य संचालन नियम के आर्टिकल 34 कहता है कि विधानसभा में जो मंत्री बिल पेश करेगा, उससे पूर्व सभी मंत्रियों को कॉपी देनी होगी।
उनका कहना है कि बिल के जिस ड्राफ्ट को को कैबिनेट मंजूरी देगी उसे पहले उपराज्यपाल से स्वीकृति लेनी होगी। जबकि ऐसा नहीं किया गया। अरविंदर ने आरोप लगाया है कि गैर कानूनी और असंवैधानिक कार्य करने के लिए अधिकारियों को डराया-धमकाया जा रहा है।
अरविंदर ने कहा कि अनधिकृत कॉलोनियों के नियमन का प्रोविजनल सर्टिफिकेट देना राजनीतिक लाभ लेना था तो दिल्ली का लोकपाल बिल तो पूरी तरह से राजनीतिक लाभ का तरीका है। क्योंकि यह बिल असंवैधानिक तरीके से लाया जा रहा है।
भाजपा भी विरोध में
प्रदेश भाजपा ने आप सरकार के जनलोकपाल बिल को गैर कानूनी करार दिया है। भाजपा ने बिल पास करने के लिए विधानसभा से बाहर सदन की बैठक आयोजित करने के फैसले को नौटंकी बताया।
पार्टी अध्यक्ष विजय गोयल ने ऐलान किया कि विधानसभा से बाहर सदन की होने वाली बैठक में भाजपा विधायक हिस्सा नहीं लेंगे। विजय गोयल ने कहा कि राज्य सरकार के बिल को जनलोकपाल नाम नहीं दिया जा सकता।
इसके उसके पास बिल पास करने का कोई अधिकार नहीं है। आप सरकार पूरी तरह संविधान का मजाक उड़ा रही है। विधानसभा से बाहर बिल पास करने पर उनका कहना था कि सरकार नौटंकी कर रही है। इसलिए भाजपा ऐसी बैठक का बहिष्कार करेगी। उन्होंने जेटली के घर पर किए गए प्रदर्शन को राजनैतिक ब्लैकमेल करार दिया।