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आप और कांग्रेस में बढ़ी तू-तू, मैं-मैं
धीरज कनोजिया, अमर उजाला/ दिल्ली
Updated Tue, 31 Dec 2013 08:24 AM IST
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आम आदमी पार्टी को सरकार बनाने का सहारा भले ही कांग्रेस ने दिया है। मगर दोनों दलों के बीच आपसी टकराव लगातार बढ़ रहा है।
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सोमवार को आप नेता कुमार बिश्वास ने राहुल के खिलाफ अमेठी में चुनाव लड़ने की बात कही तो कांग्रेस ने तुरंत जवाब दिया कि जिसको हारने की इच्छा है। वह कांग्रेस उपाध्यक्ष के खिलाफ चुनाव लड़ सकता है।
यही नहीं अरविंद केजरीवाल पर निशाने पार्टी के शीर्ष नेता और सोनिया गांधी के करीबियों की ओर से भी लगातार जा रही है। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी के बाद अब पार्टी के शीर्ष नेता और गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने केजरीवाल को सोच समझकर बोलने की नसीहत देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सीखने के लिए कहा है।
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सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने की इच्छा अपनी पार्टी के सामने जताई है। उन्होंने कहा कि वंशवाद की राजनीति को रोकने के लिए वह राहुल के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते हैं। अगर कांग्रेस उपाध्यक्ष अपनी सीट बदलकर जहां से भी चुनाव लड़ेंगे। वहां से वह चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
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विश्वास की इस टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा कि जिन्हें हारने की इच्छा है। वह राहुल गांधी के खिलाफ लड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी चुनाव लड़ ले। राहुल जीतकर आएंगे। राहुल सशक्त और जिम्मेदार सांसद हैं। वहीं गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने केजरीवाल को सोच समझकर बोलने की नसीहत दी है।
उन्होंने कहा है कि गठबंधन सरकार कैसे चलाई जाती है। इसी सीख वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से ले सकते हैं। शिंदे ने केजरीवाल को चेताते हुए कहा कि गठबंधन सरकार चलाना मुश्किल का काम है। इसे चलाने के लिए कुछ भी करने से पहले सोचना पड़ता है।