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जीएसटी पर कांग्रेस अड़ी, सरकार मनाने में नाकाम

Tue, 15 Dec 2015 08:52 AM IST
Updated Tue, 15 Dec 2015 08:52 AM IST
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Congress adamant insistence on GST, government failed to persuade congress

जीएसटी पर कांग्रेस की जिद के आगे अब बात बनती नहीं दिख रही है। कांग्रेस को मनाने की सरकार की एक और कोशिश सोमवार को परवान नहीं चढ़ पाई। वित्त मंत्री अरुण जेटली और संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडु की ओर से बुलाई गई बैठक में कांग्रेस के नेताओं ने सरकार को कोई ठोस जवाब नहीं दिया।

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पार्टी अपनी तीन शर्तों पर अड़ी रही। अगली बैठक लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कर्नाटक से दिल्ली वापस होने के बाद ही करने पर सहमति बनी है। वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पास नहीं होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
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उन्होंने कहा कि संसद का पिछला सत्र नहीं चला। संसद के मौजूदा सत्र पर भी बेकार चले जाने की आशंका मंडरा रही है। मौजूदा सत्र में कामकाज नहीं होने की वजह हर घंटे बदल रही है।’ उन्होंने कहा, ‘देश इंतजार कर रहा है कि संसद में सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा हो, विधेयक बनें और जीएसटी को लागू करने वाले ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी मिले। इन सभी में बेमियादी देरी की जा रही है। हमें खुद से यह सवाल पूछने की जरूरत है कि क्या हम अपने लिए और देश के लिए सही से काम कर रहे हैं?’
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कांग्रेस की मांग अव्यवहारिक

Congress adamant insistence on GST, government failed to persuade congress

दूसरी तरफ वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैठक में जीएसटी की दर पर सीमा तय करने की कांग्रेस की मांग को अव्यवहारिक बताते हुए इससे मानने से इंकार कर दिया है।

वेंकैया नायडु के कार्यालय में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, उप नेता आनंद शर्मा और लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया को दोपहर भोज के लिए बुलाया गया।

बैठक के बाद कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि लोकसभा के संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में मौजूद नहीं है। वह कर्नाटक में स्थानीय चुनाव को लेकर व्यस्त है। उनकी गैर मौजूदगी में बात को आगे बढ़ाना ठीक नहीं है। इसलिए उनके बाद ही अगली बैठक होगी। हालांकि शर्मा यह नहीं बता पाई कि खड़गे कब आएंगे।

दिया नेहरू का हवाला

Congress adamant insistence on GST, government failed to persuade congress

संसद सत्र खत्म होने को ज्यादा दिन नहीं बचे है। सत्र 23 दिसंबर को खत्म होने जा रहा है। ऐसे में बिल के पारित होना मुश्किल लग रहा है। वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी पास नहीं होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।

वित्त मंत्री ने अपनी बात को पुख्ता तरीके से रखने के लिए पंडित नेहरू द्वारा संसदीय व्यवस्था पर दिये गये एक भाषण का उल्लेख भी किया। जेटली ने कहा कि पहली लोकसभा के अंतिम दिन 28 मार्च, 1957 को नेहरू द्वारा दिया गया भाषण हम सभी के लिए पठनीय है।

नेहरू के भाषण के हवाले से उन्होंने एक पैराग्राफ पढ़ा, जिसके मुताबिक, ‘हम यहां, इस संसद में बैठे जो भारत का संप्रभु प्राधिकार है, भारत में शासन के लिए जिम्मेदार हैं। निश्चित रूप से इस संप्रभु संस्था के किसी सदस्य होने से ज्यादा बड़ी कोई जिम्मेदारी या बड़ा अधिकार नहीं हो सकता, जो संस्थान इस देश में रहने वाले इतने सारे मनुष्यों के भविष्य के लिए जिम्मेदार है।'

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