सेक्यूलर दलों को एकजुट करने में जुटी कांग्रेस
बिहार चुनाव के ऐलान होने के बाद कांग्रेस पर सेक्युलर दलों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के बिहार के महागठबंधन से हटने के बाद अब कांग्रेस ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी से अपील की है कि वे सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ लड़ाई में महागठबंधन से अलग न हो।
साथ ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी अब बिहार में अपने चुनाव दौरे बढ़ाने की मांग की जा रही है। मगर पार्टी उपाध्यक्ष फिलहाल ज्यादा दौरे करने से बच रहे हैं।
बिहार चुनावों के ऐलान के बाद अब राज्य की चुनावी जंग में कांग्रेस की सीमित भूमिका (पार्टी सिर्फ 40 सीटों पर लड़ रही है।) होने के बावजूद पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
सपा से कांग्रेस को लगा झटका
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार में नीतिश कुमार और लालू यादव के साथ मंच साझा कर सेक्यूलर दलों की अगुवा बनने की कोशिश की थी। मगर चुनाव के ऐलान से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के इस महागठबंधन के बाहर जाने से कांग्रेस को भी झटका लगा है।
कांग्रेस के सामने इन दलों को एकजुट करने की चुनौती खड़ी हो गई है। बुधवार को कांग्रेस ने एनसीपी को गठबंधन में बरकरार रखने की कोशिश की।
बिहार में कांग्रेस के प्रभारी सीपी जोशी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि एनसीपी मान जाएगी। हालांकि एनसीपी के लिए सीटें बढ़ाने का कोई आश्वासन कांग्रेस ने नहीं किया है।