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हरियाणा कांग्रेस में घमासान, सैलजा ने ठोकी दावेदारी
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Fri, 30 Aug 2013 12:07 AM IST
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हरियाणा कांग्रेस का घमासान अब शीर्ष स्तर पर पहुंच गया है। हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दांव को विफल करने के लिए अब उनके विरोधी गुट ने नया रास्ता निकाला है।
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दरअसल, हुड्डा विरोधी केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने अब हाईकमान के सामने खुद प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जताई है।
सैलजा का यह कदम हुड्डा के उस दांव के खिलाफ माना जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री ने राज्यसभा सांसद ईश्वर सिंह की दावेदारी का यह कह कर विरोध किया था कि उनका प्रदेश में कोई जनाधार नहीं है। इसलिए वह इस पद के लायक नहीं हैं।
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सैलजा ने बृहस्पतिवार को हरियाणा के प्रभारी कांग्रेस महासचिव शकील अहमद से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अहमद को कहा कि मुख्यमंत्री फूल चंद मौलाना को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बरकरार रखने की पूरी कोशिश में है। इसलिए वह ईश्वर चंद की दावेदारी का विरोध कर रहे हैं।
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सैलजा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के मुताबिक ईश्वर चंद का कोई आधार नहीं है तो वह खुद इस पद पर बैठने के लिए तैयार हैं। सैलजा ने शकील से सवाल किया कि क्या अब भी मुख्यमंत्री यह कह सकते है कि उनका प्रदेश में कोई जनाधार नहीं है।
हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता चौधरी वीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री की पसंद के उम्मीदवार के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं। इस मामले में कुमारी सैलजा और वीरेंद्र सिंह पूरी तरह एकजुट हैं।
समझा जाता है कि सैलजा के चले गए जवाबी दांव पर प्रभारी महासचिव ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है। मगर हुड्डा विरोधी कैंप ने हाईकमान को जता दिया है कि इस बार प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर वह मुख्यमंत्री की पसंद का आदमी हरगिज बर्दास्त नहीं करेगा।
वहीं हाईकमान के लिए भी अब मुख्यमंत्री की पसंद को तरजीह देना इतना आसान नहीं है। सैलजा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की काफी करीबी मानी जाती हैं।
अभी सोमवार को जब सोनिया की संसद में तबीयत खराब हुई थी तो वह सैलजा ही थीं, जिनका हाथ पकड़कर पार्टी अध्यक्ष संसद भवन से बाहर आई थीं।